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BJP senior leaders with PM Modi

नयी दिल्ली। चुनाव की तिथियां घोषित की जा चुकी हैं। रोज नये नये खुलासे सामने आ रहे हैं। कांग्रेस बीजपेी पर हमले कर रही है तो बीजेपी कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। गुरुवार को कांगेस ने एक प्रेसवार्ता कर बीजेपी पर आरोप लगाया कि कर्नाटक बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीएस येदुरप्पा ने 1800 करोड़ रुपये की रिश्वत खिलाई है। इसके एवज में बीजेपी ने बीएस को अपना आशीर्वाद दिया है। कांगे्रस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अंग्रेजी की पत्रिका कैरवान में छपे एक न्यूज आर्टिकल की प्रतियां, एक डायरी के कुछ पन्नों की प्रतियां और कुछ फोटो काॅपी भी पत्रकारों को दी गयीं। हालांकि बीएस और बीजेपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। वैसे कांग्रेस के खुलासे को लेकर भाजपा पहले से ही पता था। सुबह से ही पार्टी मुख्यालय में दिग्गज प्रवक्ता पहुंचे हुए थे।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने बताया कि पिछले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी फंड के लिये 2690 करोड़ इकट्ठा किया गया था। उसमें से 1800 करोड़ रुपया बीएस येदुरप्पा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंप दिया। अपनी इस बात को प्रूफ करने के लिये कांग्रेस प्रवक्ता ने डायरी के कुछ पन्नों की फोटो काॅपी दी जिसमें भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं के नाम और धन राशि लिखी गयी है। सुरजेवाला ने मोदी और उनके दिग्गज नेताओं पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया और कहा कि पीएम मोदी इस पर सदन जवाब दें। पत्रिका के अनुसार यह मामला 2004 का है तब कर्नाटक बीजेपी ने 2690 करोड़ का चंदा उगाहा था। इसमें से 1800 करोड़ रुपया नरेंद्र मोदी, रााजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली, अमित शाह, लाल कृष्ण आडवाणी, सेंट्रल इलैक्शन कमेटी समेत जजों और वकीलों को एक हजार करोड़ रुपये देने की बात बीएस ने अपनी डायरी में कन्नड़ भाषा मे लिखा है। यह भी लिखा है कि नितिन गडकरी के बेटे की शादी में दस करोड़ रुपये भी दिये गये।
दूसरी ओर बीजेपी की ओर से बचाव में आये कैबिनेट मंत्री रविशंकर ने मोर्चा संभाला। प्रसाद ने कहा कांग्रेस के आरोपों कतई सच्चाई नहीं है। इससे पहले भी वो ऐसे झूठे आरोप लगाते रहे हैं। लेकिन उनके सच्चाई नहीं ंहोती है। उन्होंने भी कहा कि कैरवान मैग्जीन में जो आर्टिकल छवा है उसे कुछ लोगों ने भाजपा की छवि खराब करने की कोशिश की है। इससे पहले भी जस्टिस लोया की मौत पर एक स्टोरी प्लांट करवायी गयी थी। एक पीआइएल भी डाली गयी थी। जस्टिस लोया की मौत के तीन साल बाद इस मुद्दे को उठाया गया जबकि उनके परिजनों ने इस पर कोई सहमति नहीं दी थी। सुप्रीमकोर्ट ने पीआईएल पर कड़ी टिप्पणी करते हुए याची को फटकार लगायी थी। कांग्रेस मोदी और बीजेपी के नेताओं को भ्रष्ट बता रहे हैं जिनके अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष और सगे रिश्तेदार सबके खिलाफ मामले दर्ज हैं और सभी बेल पर है।

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