kumar vishwas
Dr. Kumar Vishwas takes Pragya Thakur who targeted Lt. Martier IPS Hemant Karkare

नयी दिल्ली। राजनीतक दल सियासी फायदे के लिये किस हद तक गिर जाते हैं इस बाता का जीता जागता नमूना बीजेपी है। भोपाल से कांग्रेस के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिंह को हराने के लिये बीजेपी ने मालेगांव विस्फोट में सजा काट रही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को टिकट दिया है। इससे साफ जाहिर होता है कि बीजेपी और संघ भोपाल में एक बार फिर हिन्दुत्व कार्ड खेलना चाह रही है। वो प्रज्ञा को एक निरीह हिन्दू महिला के रूप में दिखा कर सहानुभूति बटोरना चाहती है। प्रज्ञा ठाकुर पिछले दस सालों से सजा काट रही हैं। हाल ही में उन्हें कोर्ट ने मेडिकल ग्राउन्ड पर जमानत मिली है। लेकिन अब वो आम चुनाव लड़ रही हैं। इस बात को लेकर मालेगांव विसफोट में मारे गये व्यक्ति के परिजनों ने प्रज्ञा ठाकुर की जमानत रद करने की रिट दायर की है। कानूनविदों का मानना है कि इस मामले में प्रज्ञा ठाकुर की जमानत भी रद हो सकती है क्यों कि यह जमानत सेहत को देखते हुए मंजूर की गयी थी न कि चुनाव लड़ने के लिये।
कवि कुमार विश्वास ने प्रज्ञा ठाकुर को उनके शर्मनाक बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मुझे शर्म तो इस बात की आती है कि प्रज्ञा के इस बयान पर सामने बैठे लोग मुस्कराते हुए तालियां बजा रहे थे। एक शहीद को देशद्रोही बताया जा रहा था और लोग बेहायायी से तालियां बजा रहे थे। राजनीतिक फायदे के लिये राजनेता किस हद तक गिर सकते हैं यह उसका एक नमूना है।
कुमार विश्वास ने अपने ट्विटर से प्रज्ञा के उस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि चुनावी फायदे के लिये एक शहीद को देशद्रोही बताया जा रहा है। देश पर आतंकी हमले के वक्त एक जांबाज अफसर अपनी जान की सुरक्षा को न देखते हुए बहादुरी से मुकाबला करता है उसे देशद्रोही कहा जा रहा है और सामने बैठे लोग बेशर्मायी से तालियां बजा रहे हैं। वर्दी में शहीद हुए एक अफसर की बहादुरी के साथ इतनी बद्सुलूकी शर्म आनी चाहिये लोगों को।

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