Poonam sinha with Satru
Mrs. Poonam Sinha with Shatrughn Sinha and family members

विनय गोयल

नयी दिल्ली। इसी माह की छह तारीख को बिहारी बाबू उर्फ शाटगन ने कांग्रेस की सदस्यता ली है। पार्टी के प्रति अपनी पूरी आस्था जतायी थी। कांग्रेस ने भी उनकी मुराद पूरी करते हुए पटना साहिब से टिकट भी दे दिया। यह सोच कर की बिहारी बाबू के आने से उनकी पार्टी में एक जुझारु और स्टार प्रचारक आ गया है। लेकिन दस बारह दिन के भीतर ही बिहारी बाबू ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिये।

गुरुवार को यूपी की राजधानी लखनऊ से सपा प्रत्याशी के नामांकन के समय बिहारी बाबू बहैसियत कलक्ट्रेट आफिस पहुचे। वहां मौजूद सपा के नेताओं ने उनसे वहां आने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि मेरे लिये मेरा परिवार मेरी पत्नी पहले है पार्टी बाद में। आज मेरी पत्नी का नामांकन है। इस लिये मैं एक पति की हैसियत लेकिन ये वही शत्रुघ्न सिन्हा हैं जो यह कहते नहीं थकते थे कि उनके लिये पहले देश फिर पार्टी उसके बाद वो और उनका परिवार है।

यूपी कांग्रेस बिहारी बाबू की इस हरकत पर कुछ भी नहीं कह रही है। लेकिन बिना कहे भी बहुत सी बातें छन छन कर पब्लिक डोमेन में आ रही है। मालूम हो कि समाजवादी पार्टी ने शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी को लखनऊ से राजनाथ के खिलाफ टिकट दिया हे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि बिहारी बाबू अपनी पत्नी के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे कि नहीं क्योंकि कांग्रेस ने आचार्य प्रमोद कृष्णन को राजधानी से टिकट दिया है। प्रमोद कृष्णन का कहना हैं कि शत्रुघ्न सिन्हा को एक दिन उनके लिये चुनाव प्रचार करना चाहिये। क्यों कि पूनम सिन्हा के नामांकन में शामिल हो कर वो पति धर्म निभा चुके हैं अब वो पार्टी नेता होने का धर्म निभायें।

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