सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश के जरिये अदालत की लाइव‑स्ट्रीम की गई कार्यवाहियों की रिकॉर्डिंग और उनके प्रसार पर रोक लगाई। शीर्ष अदालत ने यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू की है और आदेश के साथ यह स्पष्ट भी किया गया कि यह कदम समाचार रिपोर्टिंग पर प्रभाव नहीं डालेगा।

अदालत ने यह निर्णय सुनाया जबकि सार्वजनिक हित याचिका की पृष्ठभूमि पर विकल्पों पर विचार चल रहा था। शीर्ष न्यायालय ने आदेश जारी करते समय यह संकेत दिया कि खुले न्याय व पारदर्शिता बनाये रखने के प्रयासों के साथ‑साथ डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर सामग्री के अनुचित उपयोग और उसके प्रभावों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

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आदेश की यह प्रकृति अस्थायी है और न्यायालय ने आगे की प्रक्रिया, नियम और किस तरह के नियंत्रण लागू किए जाएँगे, इस पर आगे का मार्गदर्शन देने के लिए कार्यवाही जारी रखने का इरादा जताया। साथ ही न्यायालय ने यह सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया कि इस निर्देश की जानकारी संबंधित अदालतों और हितग्राहियों तक पहुंचे और इसे समझने के लिए आवश्यक संचार किया जाए।

दोनों प्रमुख समाचार संस्थानों के कवरेज़ के अनुसार शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस अंतरिम कदम को प्रेस या जनसमाचार पर प्रतिबंध मानने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि डिजिटल प्रसार और उसकी चुनौतियों पर आगे नियमन की रूपरेखा पर विचार होगा।

संदर्भ स्रोतIndian Express LatestNDTV LatestNews18 Latest