Why SG Tushar Mehta defending Medha Roopam in Court
जज ने न केवल छात्रा के रिहाई के आदेश दिये बल्कि प्रशानिक अधिकारियों के साथ डीएम के खिलाफ सर्विस रिकार्ड में टिप्पणी दर्ज करने का आदेश भी दिया है। इसके साथ 5 लाख रूपये का जुर्माना भी अपने वेतन से भरने का आदेश भी दिया। इसी बात को लेकर मेधा रूपम सुप्रीम कोर्ट पहुंख् गयी हैं। उनकी तरफ से केस लड़ने के लिये सरकारी वकील एसजी तुषार मेहता को जिम्मेदारी मिली है।













SEBI ने FPI ऑनबोर्डिंग सरल बनाने के लिए डिजिटल पावर ऑफ़ अटॉर्नी की मंज़ूरी दी; बॉन्ड टोकनाइज़ेशन पायलट पर भी काम जारी
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