Election Commision scam issues=चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाह और टीडीपी ने भी आंखें तरेरी
पिछले साल ज्ञानेश कुमार ने राजीव कुमार की गद्दी संभाली थी। लोगों को लगा कि राजीव कुमार से बेहतर व निष्पक्ष और ईमानदार होंगे। लेकिन ज्ञानेश कुमार ने तो सभी सीमाएं लांघते हुए मोदी शाह की चाकरी करनी शुरू कर दी। लेकिन उनकी चालबाजी और साजिशें डेढ़ साल के भीतर सामने आ गयीं। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने पिछले डेढ़ साल में बिहार, प बंगाल, असम में चुनाव कराये जिसमें भाजपा की सरकारें बनीं तब से ज्ञानेश कुमार मोदी शाह की आंखों के तार












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