चुनाव आयोग और भाजपा का अघोषित गठबंधनएक बार फिर भाजपा के निष्पक्ष चुनाव की पोल खुली पं बंगाल में नंदी ग्राम और रेजीनगर विधानसभा में उपचुनाव होने हैं। वहां पर एक बार फिर टीएमसी ने भाजपा की तोड़फोड़ वाली साजिश का आरोप लगाया है। नंदीग्राम सीट से ममता दीदी ने अपनी नेता संचिता सेन को बीजेपी उम्मीदवार एहतेशाम के खिलाफ उतारा था। लेकिन नामांकन के करीब प बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने संचिता से खुद मिल कर सेटिंग कर ममता का खेल बिगाड़ने का काम किया। ऐसे नाजुक दौर में ममता ने प्रेसवार्ता कर एक महत्वपूर्ण फैसला किया कि नंदी ग्राम में अब टीएमसी कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देगी। इसके पीछे कारण यह है कि जैसे ही चुनाव आयोग ने टीएमसी के सिंबल और नाम को अजीबो गरीब फैसला दिया वैसे ही कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर ममता का साथ देने की बात कही। राहुल ने कहा कि भाजपा और केन्द्र सरकार एक एक करके विपक्षी दल को तोड़ने की साजिश रचती है और उसकी साजिश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका भी रहती है। उसके थोड़ी देर बाद ममता बनर्जी ने यह एलान कर दिया कि वो नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देंगी। लेकिन उनके इस निर्णय के कुछ घंटों में प बंगाल पुलिस ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर जता दिया कि वो विपक्ष के किसी भी उम्मीदवार को चुनाव में खड़ा नहीं होने देगी। ऐसे हालात में यह बात साफ हो गयी कि भाजपा सरकार बनाने और चुनाव जीतने को किसी भी हद तक गिर सकती है।विपक्ष ने भी कांग्रेस को समर्थन देने में भलाई समझी महाराष्ट्र में पिछले पांच सालों जो राजनीतिक उठापटक हुई उससे शिवसेना और एनसीपी को भारी झटका लगा है। दोनों दलों को भाजपा ने चुनाव आयोग के जरिये दो फाड़ करा दिये। पहले बालासाहब की पार्टी शविसेना को एकनाथ् शिंदे के कंधों का सहार ले कर तोड़ा बाद में चुनाव आयोग ने मोदी सरकार के इशारों पर शिंदे गुट को पुरानी पार्टी का सिंबल और नाम दिलवा दिया उसी तर्ज पर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को अजित पवार का इस्तेमाल कर तुड़वा कर महायुति की सरकार में शामिल करवा लिया। अब सबसे ताजा मामला प बंगाल की पार्टी टीएमसी को तुड़वाया और ममता दीदी को करारी हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में ममता को सिर्फ कांग्रेस और राहुल गांधी ने धीरज दिया और साथ देने का वादा किया। वैसे अब विपक्ष की पार्टी ये समझ गयी है कि भाजपा और मोदी शाह से बचने के लिये कांग्रेस का साथ जरूरी है। दूसरी ओर कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है कि जिसकी तीन चार प्रदेशों में सरकारें चल रही हैं। इसके अलावा भाजपा के बाद कांग्रेस ही के 99 सांसद लोकसभा में हैं। वैसे भी भाजपा सरकार और मोदी शाह को सिर्फ राहुल गांधी से ही डर लगता है। चुनाव आयोग की शातिर चाल सामने आयीचुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिये ममता और ऋतुव्रत दोनों को ही पार्टी का नाम बदलने के साथ नया नाम रखने का निर्देश दिया है। ममता की पार्टी को फुटबाल खेलता खिलाड़ी और ऋतुब्रत को लिफाफा सिंबल आलॉट किया है। इसके आलावा ममता की पार्टी का नाम ममता टीएमसी और ऋतुव्रत की पार्टी को डेमो​क्रेटिक टीएमसी रखने का निर्देश दिया है। इससे सफा जाहिर है कि चुनाव आयोग इस मामले को जल्दी निपटाने की मंशा नहीं रखता है। इससे ममता बनर्जी को अपने वोटर्स को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। दो जोड़ा फूल टीएमसी का पुराना सिंबल है जो प बंगाल में काफी लोकप्रिय है। जब कि दूसरे दल के लोग भी टीएमसी के पुराने सिंबल दो जोड़ फूल से ही जीत कर विधायक बने है।
पाठकों की राय

टिप्पणियां 0

सभ्य और विषय से जुड़ी भाषा का प्रयोग करें।