ज्ञानेश के खिलाफ विपक्षी नेताओं का विरोध करने उतरी भाजपा की टोली

ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठी

एक तरफ सीईसी ज्ञानेश कुमार के एसआईआर की धांधली की गूज चर्चा में है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार पर संकट के काले बादल गहरा रहे है। ऐसे में भी कुछ ऐसा गरमा रहा है कि हैरानी हो रही है कि भाजपा के अंदर क्या चल रहा है। मोदी सरकार ने ज्ञानेश कुमार को लेकर पसोपेश में फंसी हुई है कि ज्ञानेश कुमार का क्या किया जाये। हालात बिल्कुल सांप छछूंदर सी हो गयी है। न निगल पा रहे हैं और न ही उगल पा रहे हैं। ज्ञानेश कुमार पिछले डेढ़ साल से के पद पर तैनात हैं। चुनाव आयोग ने बिहार और प बंगाल में एसआईआर के जरिये सत्ता हासिल की है। ज्ञानेश कुमार मोदी शाह के काफी करीबी बताये जा रहे हैं। लेकिन ताजा हालात ऐसे हैं कि मोदी शाह ने सीईसी ज्ञानेश कुमार मामले पर चुप्पी साध रखी है। दिलचस्प बात है कि भाजपा मतलब निकल जाने के बाद किसी को नहीं पहचानती है। ऐसे कई मामले सामने हैं पूर्व सीईसी राजीव कुमार सबको याद होंगे राजीव कुमार के बाद ही ज्ञानेश कुमार को सीईसी बनाया गया है। राजीव कुमार भी मोदी शाह के काफी करीबी बताये जाते थे। विपक्ष भी राजीव कुमार को सत्ता का गुलाम बताता था। एक तरफ सत्ता ने चुप्पी साध रखी है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के नेता और मुख्यमंत्री ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतर गये हैं। प बंगाल के बीजेपी नेता शमिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार की प्रशंसा करते हुए सरकार से मांग की है कि सरकार उन्हें पद्म विभूषण पुरसकार से सम्मानित करे।

ज्ञानेश कुमार के समर्थन में उतरे बीजेपी नेता

ज्ञानेश के समर्थन में दिल्ली के जंतर मंतर पर एक संस्था चलाने वाले बीजेपी के नेता जय भगवान गोयल धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लाक के नेता साजिश कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। ये वैश्य समाज के लोगों का अपमान है। इससे पहले विपक्षी नेताओं में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय बंसल पर झूठे आरोप लगा कर बदनाम किया था। अब वही लोग सीईसी ज्ञानेश कुमार को साजिशों में फंसा कर बदनाम कर रहे हैं। जय भगवान पहले शिवसेना के नेता के रूप में जाने जाते थे। लेकिन एक वाहियात हरकत करने के बाद शिवसेना ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। उन्होंने कुछ सालों पहले एक किताब लिखी जिसके कवर पेेज पर मोदी और शिवाजी को रख मोदी को शिवाजी के बराबर दर्जा देेने की बात करी थी। जय भगवान हमेशा ऐसे मुद्दे उठाते रहते हैं जिससे वो सुर्खियों में बने रहते है। पिछले कई सालों से वो भाजपा में हैं। भाजपा में अपनी ताकत बढ़ाने के लिये अक्सर वो संप्रदाय विशेष को टारगेट करते रहते हैं। इस बार भी वो ज्ञानेश कुमार के जरिये भाजपा में अपने नंबर बढ़ाते दिख रहे है। ज्ञानेश कुमार को ईमानदार बताते हुए उनका समर्थन के लिये जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करते दिखे। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार से ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग की है।

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