सुप्रीम कोर्ट ने SIR विवाद की याचिकाएँ सुनने के लिए सहमति जताई, भारत में राजनीतिक और सुलह‑कदम तेज सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2026 में उन याचिकाओं को सुनने के लिए स्वीकार कर लिया है जिनमें चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज और विशेष‑गहन संशोधन (SIR) से जुड़ी प्रक्रियाओं की वैधानिकता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं; सुनवाई की आगे की तारीखें और आदेश अदालत की सूची में दर्ज हैं। (Indian Express, India Today) 23 सितंबर 2026 की खोजी रिपोर्ट: आयुक्तों के नोट‑आपत्तियाँ का खुलासा 23 सितंबर 2026 को The Indian Express की खोजी रिपोर्ट में कहा गया कि ECI के दो निर्वाचन आयुक्त — सुकबीर सिंह संधु और विवेक जोशी — ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच कम से कम 14 बार लिखित रूप में आपत्तियाँ दर्ज की थीं, जिनमें यह आरोप था कि कई निर्णय बिना उनकी सहमति/ज्ञान के लिये गए और SIR व मतदाता‑रोल प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों के संकेत मिले। रिपोर्ट में Form‑6 (नए मतदाताओं के पंजीकरण) में SIR‑डिक्लेरेशन जुड़ने/हटने और वोटर‑रोल सॉफ़्टवेयर के नियंत्रण‑केंद्रिकरण पर भी आशंकाएँ दर्ज हैं। (Indian Express) आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और तकनीकी बदलाव Indian Express की रिपोर्ट के प्रकाशन के तुरंत बाद ECI ने प्रेस नोट में कहा कि अंदरूनी मतभेद और नोट्स निर्णय‑प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन रिपोर्ट में उठाए गए कुछ मामलों के बाद आयोग ने तकनीकी संशोधन किए/कुछ राज्यों के ECINet पोर्टल से SIR‑संबंधी घोषणाएँ हटाई या बदली गयीं — ये परिवर्तन 23–30 सितंबर 2026 के बीच रिपोर्ट किए गए। (Indian Express) राजनीतिक विरोध और सार्वजनिक प्रदर्शन रिपोर्ट छपने के बाद विपक्षी दलों, नागरिक समूहों और छात्र संगठनों ने इस्तीफे और जांच की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन किये। 25 सितंबर 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध सभाओं सहित कई शहरों में रैलियाँ और सार्वजनिक आन्दोलन हुए; कुछ विपक्षी नेताओं और संगठनों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफा तथा आपराधिक जांच की मांग दोहरायी। (CounterView, Indian Express, AajTak) कानूनी कदम: विपक्षी याचिकाएँ और सुप्रीम कोर्ट का रुख अक्टूबर 2026 की पहली छमाही में विपक्ष और कुछ सामाजिक‑राजनीतिक इकाइयों ने जनहित याचिकाएँ और अन्य आवेदन दायर किये; रिपोर्टिंग के अनुसार 12 अक्टूबर 2026 के आसपास दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की है, और संबंधित याचिकाओं की आगे की कार्यवाही अदालत में सूचीबद्ध है। (AajTak, Indian Express) तथ्यों में पुख्ता बातें और बताई गई असमानताएँ मौलिक तथ्य — 23 सितंबर 2026 को Indian Express की खोजी रिपोर्ट, आयोग के आंतरिक नोट‑आपत्तियों का हवाला और ECI की उसी अवधि में की गई तकनीकी परिवर्तन‑सूचनाएँ — कई राष्ट्रीय समाचार स्रोतों द्वारा उद्धृत और कवर की गयी हैं। रिपोर्ट और आयोग के बयानों के बीच यह असमानता है कि आयोग एक ओर आपत्तियाँ स्वीकार करता दिखता है पर दूसरी ओर इन्हें "निर्णय‑प्रक्रिया का हिस्सा" करार देता है; इस असमान व्याख्या पर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है। (Indian Express, India Today) वर्तमान स्थिति — क्या तय है और क्या खुला है अभी निर्णायक कानूनी निष्कर्ष सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही मिलेंगे; जांच या दायित्व तय होने तक ECI के भीतर उठाई गयी आपत्तियों, तकनीकी परिवर्तनों और सार्वजनिक‑राजनीतिक दबावों के बीच विवाद जारी है। रिपोर्ट किए गए तिथ्य और कार्रवाइयाँ उपर्युक्त स्रोतों में दर्ज हैं। (Indian Express, AajTak, India Today)

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