पीएम मोदी के जन्मदिन पर विशेष:बिहार की बाढ़ और पीएम मोदी की व्यस्तताVinay Goel
पीएम मोदी आज 76 साल के हो गये हैं पूरा देश उनका जन्मदिन मनाने को मजबूर है। क्यों कि सरकार और भाजपा को नाराज करना कोई नहीं चाहता है। जो आलोचना करता है उसको सोशल मीडिया पर तो ट्रोल किया ही जाता है साथ ही उसके घर पुलिस भी पहुंच जाती है। अंधभक्त की आस्था भावनाएं आहत हो जाती है। ये समझनहीं आ रहा है कि आखिर किस बात के लिये अवाम को दीपक जलाने को मजबूर किया जा रहा है। बाढग्रस्त इलाकों में करोड़ों लोग जिंंदगी की जंग लड़ रह हैं और सरकार के मंत्री और भाजपा रोते बिलखते लोगों की मदद करना तो दूर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।बिहारवासियों को अब तो बाढ़ की आदत सी हो गयी है बिहार में हमेशा से बाढ़ की त्रासदी को झेलना पड़ता है। बिहारवासियों को अब तो बाढ़ की आदत सी हो गयी है। हर साल लाखों लोग बाढ़ग्रस्त होते हैं न तो बिहार सरकार को और न केन्द्र सरकार को बिहार की गंभीर समस्या से लेना देना है। इस साल भी बाढ़ के प्रकोप से 48 लाख बिहारवासी जूझ रहे हैं। लेकिन बिहार सरकार के कानों में जूं रेंग रही है और न ही मोदी शाह को बाढ़ की त्रासदी का एहसास। इतना ही नहीं सरकार के अलावा देश के प्रमुख मीडिया हाउस भी बिहार की बाढ़ग्रस्त जनता की गंंभीर समस्याओं को दिखाने में कोई दिलचस्पी नहीं रखता है। गोदी मीडिया तो सरकार की चापलूसी में ही मशगूल रहता है। मोदी और केन्द्र सरकार सत्ता को बचाये रखने की जुगत में रहती है। ब्रिक्स के कार्यक्रम मे पीएम मोदी दुनिया को ये दिखाने में बिजी दिखे कि उनकी सरकार का दुनिया में डंका बज रहा है। हैरानी की बात यह है कि गोदी मीडिया सरकार की पै लगी कर सरकार की वाह वाही में जुटी है। सोशल मीडिय पर फ्रीलांस यूट्यूबर बिहार की दुदर्शा का दुनिया को बता रहे हैं। एनडीए की सरकार में बाढ़ग्रस्त लोगों की चिंता कौन करे पिछले विधानसभा चुनाव में हर बार एनडीए सरकार बाढ़ की समस्या के निदान पर जीतती है। लेकिन चुनाव बाद केन्द्र व प्रदेश सरकार जनता चुनावी जुमला टिका एश ओ आराम की बंसी बजा रहे हैं। पिछले 21 साल तक नितीश कुमार ने सुशासन बाबू के नाम पर राज किया लूटा और अब बिहार का राजपाट सीएम सम्राट चौधरी को सौंप गये हैं। भाजपा का बीस साल पुराना था कि उनकी बिहार में सरकार बने। लेकिन सुनियोजित ढंग से भाजपा ने 2025 में एनडीए की सरकार बनायी और चाह माह बाद ही नितीश कुमार से इस्तीफा दिलवा कर सम्राट चौधरी को बिहार की कमान थमा दी है। वैसे भाजपा शासित राज्यों में जनसमस्याओं के समाधान पर कोई काम नहीं होता है। पहले सीएम नितीश कुमार थे तब कुछ बिहारियों के सुख दुख पर ध्यान दिया जाता रहा। लेकिन अब बिहार पूरी तरह भाजपा के पंजों में है। नितीश कुमार सक्रिय राजनीति से विरत हो गये हैं। नितीश कुमार ने अपने बेटे निशांत कुमार को कैबिनेट मंत्री बनवा दिया है।
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