एशियाई खेलों के क्रिकेट इवेंट का ड्रॉ जारी होने के बाद टूर्नामेंट की सबसे बड़ी संभावित झड़प — भारत बनाम पाकिस्तान — केवल फाइनल में ही संभव दिख रही है। ड्रॉ के अनुसार दोनों देशों की पुरुष और महिला टीमें अलग-आधारों (opposite halves) में रखी गई हैं, जिससे वे तब तक नहीं मिलेंगी जब तक दोनों पक्ष क्वार्टर- और सेमीफाइनल पार कर के फाइनल तक नहीं पहुँचते।
टूर्नामेंट का फॉर्मेट टी20 के रूप में रहेगा। पुरुष प्रतिस्पर्धा में एशियाई टीमों के शीर्ष चार — भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश — रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वार्टर-फाइनल में जगह पाए हैं। बाकी टीमें प्रारंभिक चरणों के जरिए चार और क्वार्टर-फाइनल स्थान भरेंगी। इसका मतलब यह है कि कुछ टीमों को अतिरिक्त मुकाबले खेल कर मुख्य ब्रैकेट में शामिल होना होगा।
महिला वर्ग में भी ड्रॉ ने रास्ता स्पष्ट किया है: भारत क्वार्टर-फ़ाइनल में होस्ट टीम जापान से भिड़ेगा। अन्य क्वार्टर-फ़ाइनल जोड़े में पाकिस्तान का सामना थाईलैंड से होगा, जबकि श्रीलंका का मुकाबला मलेशिया से और बांग्लादेश बनाम चीन की जोड़ी भी मौजूद है। इन निर्धारित जोड़ों के परिणामों के आधार पर सेमीफाइनल और फाइनल की धाराप्रवाह बनती जाएगी — और तभी भारत-पाकिस्तान का क्रॉस-ओवर संभव होगा।
याद दिलाना ज़रूरी है कि दोनों भारतीय टीमें 2023 हांगज़ोउ एशियाड में पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में स्वर्ण विजेता रहीं; अतः वे प्रतिपक्ष के रूप में टूर्नामेंट में शीर्ष दावेदारों में गिनी जा रही हैं।
संक्षेप में, ड्रॉ ने प्रारंभिक रास्ते और बीज-निर्धारण साफ कर दिए हैं: भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला केवल तभी साकार होगा जब दोनों टीमें अपने-अपने क्वार्टर और सेमीफाइनल पार कर के फाइनल में मिलें।