क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने ऐशेज के किसी टेस्ट को भारत में आयोजित करने की संभावना पर खुला रुख अपनाने का इशारा किया है। बोर्ड के प्रमुख टॉड ग्रीनबर्ग ने यह बात बीबीसी के पॉडकास्ट के इंटरव्यू में कही, और इस बातचीत की परोक्ष रिपोर्टिंग भारतीय व अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक समान रूप से दिखाई दी।
यह प्रस्ताव किसी तात्कालिक योजना का संकेत नहीं देता; सभी पक्षों के बीच सहमति और व्यापक तार्किक समन्वय आवश्यक होगा। CA ने हाल के महीनों में भारत के साथ संपर्क बढ़ाने की नीति अपनाई है — इसी कड़ी में इस साल दिसंबर में बिग बैश लीग (BBL) का उद्घाटन मैच चेन्नई में कराने का फैसला भी शामिल है।
ऐसा विचार इसलिए भी अहम है क्योंकि ऐशेज का 150वां सालाना समारोह अगले वर्ष मनाने की योजना पहले से है, और इस संदर्भ में ऑस्ट्रेलिया व इंग्लैंड के बीच एक ऐतिहासिक एकल टेस्ट की रूपरेखा पर चर्चा चल रही है। हालांकि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह मैच ऑस्ट्रेलिया में आयोजित करने की योजना है, पर CA ने कहा है कि विकल्पों पर विचार के लिए वे खुले रहेंगे।
एक बड़ा चुनौतिपूर्ण पहलू समूची क्रिकेट कैलेंडर का तंगपन है। भारत में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों और इंडियन प्रीमियर लीग जैसी टूर्नामेंटों के कारण उपलब्ध खिड़कियाँ सीमित हैं, इसलिए किसी पांच-दिवसीय टेस्ट को जोड़ने के लिए व्यापक समन्वय और संभावित समय-समन्वयन की आवश्यकता होगी।
इसके अलावा, CA ने इंग्लैंड व इंडिया के प्रशासनिक निकायों—ECB और BCCI—के साथ मजबूत संबंधों का महत्त्व रेखांकित किया है; किसी भी ऐसे प्रस्ताव के लिए दोनों बोर्डों का समर्थन अनिवार्य होगा।
कुल मिलाकर ऑस्ट्रेलिया की घोषणा को विश्व क्रिकेट के वाणिज्यिक और दर्शक-भाष्य संतुलन की रूपरेखा में देखा जा रहा है: भारतीय दर्शक बाजार की बड़ी भूमिका और अलग-अलग बोर्डों के बीच सहयोग दोनों इस विचार के केंद्र में हैं। आगे कौन से विकल्प उठते हैं, यह समय और तीनों बोर्डों की पारस्परिक सहमति पर निर्भर करेगा।