केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबरक्राइम समन्वय केंद्र (I4C) ने 23 जुलाई को GitHub को निर्देश दिया कि Bitchat नामक ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप से जुड़ी सार्वजनिक रिपॉज़िटरी की पहुंच अवरुद्ध की जाए। दोनों प्रमुख समाचार रिपोर्टों के अनुसार यह आदेश उसी अवधि में जारी हुआ जब दिल्ली में जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान आसपास के इलाकों में अस्थायी इंटरनेट प्रतिबंध लगाए जा रहे थे।
दोनों स्रोत यह बताते हैं कि Bitchat को ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने विकसित किया है और यह ब्लूटूथ-आधारित, विकेन्द्रीकृत संचार कर सकने वाला ऐप है, जो पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क या केंद्रीकृत सर्वरों पर निर्भर नहीं करता। I4C की नोटिस में इस तरह के प्लेटफॉर्म्स को अनाम तरीके से संवाद संभव कराने और कानूनी निगरानी से बचने के साधन के रूप में देखा गया — इसलिए इन्हें गम्भीर सुरक्षा जोखिम माना गया।
समाचार कवरेज में बताया गया है कि एजेंसी ने तकनीकी और खुफिया इनपुट के हवाले से कहा कि ऐसी सेवाओं का दुरुपयोग हिंसक प्रदर्शन, गलत सूचना का प्रसार या आपराधिक साजिशों के समन्वय के लिए किया जा सकता है, और ऐसी संरचना कानून प्रवर्तन की ट्रेसिंग और जाँच को कठिन बना देती है। I4C ने GitHub को कानूनी धाराओं और नियमों के आधार पर कार्रवाई करने के तहत निर्देश दिया, और प्लेटफॉर्म से संबंधित रिपॉज़िटरी बंद करने को कहा गया।
जैक डोर्सी ने सार्वजनिक तौर पर उस आदेश की प्रति साझा की और सरकारी कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी; दोनों रिपोर्टें यह भी बताती हैं कि एजेंसी या गृह मंत्रालय की ओर से तत्काल सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं कराई गई।
समाचार संस्थानों के विवरण के आधार पर यह कदम ऐसे तकनीकी साधनों पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती सतर्कता को दर्शाता है, खासकर तब जब सार्वजनिक घटनाओं के दौरान इंटरनेट सेवाओं पर नियंत्रण और निगरानी की मांगें उठती हैं। आगे कि कार्रवाई और GitHub की प्रतिक्रिया पर दोनों प्रकाशनों के अनुसार अभी और विवरण सामने आ सकते हैं।