भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों (15-19 अगस्त, गाले; 23-27 अगस्त, कोलंबो) के लिए 15 सदस्यीय स्क्वाड आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया गया है। चयन में कुछ उम्मीद के अनुरूप निर्णय और चोट-पहचान से जुड़ी शर्तें शामिल हैं।
सबसे ध्यान देने योग्य नाम रविंद्र जडेजा हैं, जिन्हें टेस्ट टीम में वापसी मिली है। अनुभवी ऑल-राउंडर को स्पिन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है और वह टीम में शामिल अन्य स्पिनरों के साथ रहें گے। जडेजा की वापसी पर रिपोर्टरों और बोर्ड ने इसे नियमित चयन के संदर्भ में देखा है।
फास्ट-बोलिंग आक्रमण में जसप्रीत बुमराह का चयन किया गया है, लेकिन उनकी उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी। बुमराह पिछले कुछ दौरे पर चोट के बाद टीम में लौट रहे हैं, इसलिए उनके खेलने पर अंतिम फैसला कोचिंग और बोर्ड के कोचिंग एथलेटिक्स संस्थान के फिटनेस मानदंडों पर आधारित होगा। इसी तरह बैटिंग में साईं सुधरशान की उपलब्धता भी फिटनेस स्टेटस से जुड़ी शर्त पर रखी गई है।
सबसे बड़ी नई एंट्री मध्यप्रदेश के ऑफ़ स्पिनर सरांश जैन हैं, जिन्हें पहली बार टेस्ट स्क्वाड में जगह मिली है। जैन ने फर्स्ट‑क्लास क्रिकेट में 188 विकेट और घरेलू पारी में उपयोगी योगदान किया है; हाल में इंडिया ए की श्रीलंका की यात्रा में भी उन्होंने प्रदर्शन से ध्यान खींचा।
वॉशिंगटन सुंदर पहली टेस्ट के लिए अनुपलब्ध बताए गये हैं, उनके घुटने या हैमस्ट्रिंग से संबंधित चोट के कारण उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया।
भारतीय टीम श्रीलंका पहुंचने से पहले अभ्यास के तौर पर कोलंबो में चार दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी, जो 7 अगस्त से शुरू होगा। घोषित 15 सदस्यीय स्क्वाड में शुबमन गिल (कप्तान), के एल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जयसवाल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, मनव सुथार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर ब्रार, देवदत्त पादिकल और अन्य खिलाड़ी शामिल हैं।
यह टीम संयोजन घरेलू और विदेशी परिस्थितियों के लिहाज से संतुलित माना जा रहा है, जबकि चुनौतियाँ—विशेषकर फिटनेस से जुड़ी—आगे के फैसलों को प्रभावित कर सकती हैं।