पेरिस में फ्रांस फुटबॉल फ़ेडरेशन (FFF) के अधिकारियों ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में राष्ट्रीय टीम की कोचिंग पदवी के लिए ज़िनेदिन जिदान को नियुक्त करने की पुष्टि की। यह नियुक्ति उस राह का प्रतिबिंब मानी जा रही है जिसमें फ्रांस ने लंबे समय तक खेलने वाले और बाद में सफल कोच बने आइकॉन को टीम की बागडोर सौंपी है।
FFF अध्यक्ष फिलिप डियालो ने पद-घोषणा की औपचारिक जिम्मेदारी निभाई और संघ मुख्यालय में यह नियुक्ति घोषित की गई। फ्रांस के पूर्व कोच दिदिए देशां के 2026 विश्व कप के बाद पद त्याग के बाद यह बदलाव आया है। फ़ेडरेशन ने जिदान को चार साल का अनुबंध दिया है।
नियुक्ति से जुड़ी आधिकारिक रूपरेखा में शुरुआत के मुकाबलों की तिथियाँ भी शामिल हैं: जिदान का डेब्यू नेशन्स लीग में टर्की के खिलाफ 25 सितंबर को होने वाला है, इसके तीन दिन बाद बेल्जियम से भी एक मुकाबला तय है, जबकि घरेलू दर्शकों के सामने उनका पहला मैच 2 अक्टूबर को स्टैड द फ्रांस में इटली के खिलाफ निश्चित किया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जिदान ने पिछले पाँच वर्षों में कई क्लबों के प्रस्ताव ठुकरा कर राष्ट्रीय टीम के अवसर का इंतजार किया। वह 2021 में रियल मैड्रिड से कोचिंग भूमिका से अलग हुए थे और तब से उच्च-स्तरीय क्लब प्रबंधन में लौटे नहीं थे। रिपोर्टें यह भी बताती हैं कि FFF अध्यक्ष और जिदान के बीच बातचीत फरवरी 2025 में शुरू हुई थी, जब देशां ने पांचवीं वर्ष के बाद टीम छोड़ने का इरादा जताया था।
नियुक्ति पर आधारित विमर्श में नये कोच ने टीम की शैली में बदलाव और अधिक आक्रमक फुटबॉल लाने की आकांक्षा व्यक्त की है। साथ ही, रिपोर्टों में यह भी दर्ज है कि जिदान ने देशां के कार्यकाल की उपलब्धियों का सम्मान करते हुए संगठन को आगे बढ़ाने का इरादा जताया।
यह कदम फ्रांसीसी फुटबॉल के लिए प्रतीकात्मक महत्व रखता है: एक ऐसे पूर्व खिलाड़ी और सफल क्लब कोच को राष्ट्रीय टीम सौंपी गई है जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है। अब नजरें इस पर होंगी कि जिदान किस तरह से टीम की रणनीति और खिलाड़ी उपयोग में बदलाव कर आगामी नेशन्स लीग और आगामी अंतरराष्ट्रीय अभियानों की तैयारी करते हैं।