बृहस्पतिवार को संसद के मानसून सत्र में लोकसभा ने राष्ट्रीय गान के बाद राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम को भी कानूनी संरक्षण देने वाला संशोधन विधेयक पारित कर दिया। विधेयक का उद्देश्य वन्दे मातरम के गायन में बाधा डालने या उसे रोकने को दंडनीय करना है; यह कदम मौजूदा कानून के दायरे का विस्तार बताकर पेश किया गया। (स्रोत: The Hindu, NDTV India, Times of India)
लोकसभा में विधेयक पारित होते समय सदन में कड़े शब्दों और नारेबाजी के बीच बहस संक्षिप्त रही; कुछ विधायकों ने ही चर्चा की और सदन की कार्यवाही देर से स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने विधेयक को सांप्रदायिक सन्दर्भ दे कर आलोचना की जबकि सरकार ने इसे राष्ट्रगान-कल्याण के समकक्ष ठहराया। (स्रोत: The Hindu, Times of India)
इसी दिन राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं से संबंधित एक अन्य विधेयक — Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 — पर भी बहस जारी रही। विपक्ष ने प्रश्न उठाए कि केवल दंड बढ़ाने से समस्या का निदान संभव नहीं है और परीक्षाओं की प्रणाली, पारदर्शिता तथा जवाबदेही पर ध्यान दिया जाना चाहिए। (स्रोत: The Hindu, Times of India)
परliament के बाहर और भीतर दोनों जगह विपक्षी दलों ने छात्रों से संबंधित मामलों और पुलिस की कार्रवाई पर सरकार पर दबाव बनाया। सदन में विपक्ष के वरिष्ठ नेता ने गृह मंत्री से जवाब देने और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई; इस मुद्दे पर तीखी नोक-झोंक भी हुई और कुछ पार्टियों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किये। (स्रोत: The Hindu, Times of India)
सरकार ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन छात्रों की सुरक्षा और परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की कोशिश है और नवीनीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि विपक्ष ने कहा कि प्रणालीगत सुधार, परीक्षा कैलेंडर और स्वतंत्र जांच जैसे पहल जरूरी हैं। दोनों ओर से उठाए गए सवालों के साथ सत्र अगले दिन तक के लिए टाल दिया गया। (स्रोत: The Hindu, Times of India)
