जापान के दक्षिण-पश्चिमी क्यूशू द्वीप के कुमामोटो प्रान्त में मंगलवार को लगी तीव्र भूकंप के बाद बचाव अभियान चौथे दिन भी जारी हैं। विशेषज्ञों के मौजूदा आकलन के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की गई और घटनास्थल पर हजारों बचावकर्मी तथा स्व-रक्षा बल (SDF) तैनात हैं।
सबसे गंभीर क्षति काशीमा में स्थित एक बड़ी शॉपिंग मॉल (Aeon) और यत्सुशिरो के पास एक पेपर मिल में देखी गई, जहां मॉल की दूसरी मंज़िल का हिस्सा ढह गया और लगभग एक घंटे बाद वहां एक विस्फोट हुआ। कंपन से इमारतों में भारी तोड़फोड़ और धातु व ईंट-टुकड़ों का फेलाव देखा गया; विस्फोट की संभावना गैस कारण बतायी जा रही है और इसकी जांच चल रही है। पेपर मिल में भी आंशिक रूप से ढहने से लोगों के फँसे होने की सूचना मिली और संरचनात्मक नुकसान दर्ज किया गया।
प्रान्तीय अधिकारियों ने बताया है कि भूकंप से हजारों लोग बेघर हुए और अनेक शरणस्थलों में स्थान दिया गया है; एक ही समय में तेज़ गर्मी और बिजली-पानी की कटौती ने राहत प्रयासों को और जटिल बना दिया है। मौसम-पूर्वानुमान के मुताबिक प्रान्त में तापमान 35°C से ऊपर और कुछ क्षेत्रों में 39°C तक पहुँच सकता है, जिससे हीटस्ट्रोक का जोखिम बना हुआ है। रक्षा मंत्री ने राहत केंद्रों तक कूलर और एयर कंडीशनर पहुंचाने की घोषणा की; सशस्त्र बलों ने भी पानी और अन्य आपूर्ति पहुंचाने में भागीदारी की है।
प्रान्त के कई हिस्सों में बिजली और नलकूप सेवाएँ प्रभावित हुईं, और बचाव कार्यों के दौरान दर्ज किए गए अनेक आफ्टरशॉक्स ने राहत कर्मियों और गृहस्थों दोनों की संपत्ति और सुरक्षा पर असर डाला। अधिकारियों ने कहा है कि प्राथमिकता बचाव और जीवनरक्षा आपूर्ति को दी जा रही है।
कुमामोटो वही क्षेत्र है जिसे 2016 में भी घातक भूकंपों का सामना करना पड़ा था; उस पृष्ठभूमि के चलते स्थानीय बुनियादी ढांचे और लोगों की सावधानी को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है। घटनास्थल पर जांच और मलबे से जीवित लोगों की तलाश जारी है।
