देर जुलाई के दो कारोबारी सत्रों में बेंचमार्क सूचकांक कुल मिलाकर सकारात्मक रहे। उपलब्ध ट्रेडिंग आँकड़ों के आधार पर इन दिनों में सेंसेक्स 77,000 से 78,000 के दायरे में कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 24,000 के आसपास स्तर पर रहा।
इन दो सत्रों की रिपोर्टिंग में इंडेक्सों ने उभरती हुई खरीदारी के बीच मामूली तेजी पकड़ी। चालू सप्ताह के आखिरी दिनों में सूचकांकों की यह स्थिति बाजार में कुछ सतर्कता के बावजूद समेकित प्रवृत्ति दर्शाती है।
विदेशी विनिमय के मोर्चे पर भी स्थिरता देखी गई: उपलब्ध डेटा अनुसार रुपये का भाव अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 95.6–95.8 के स्तर पर रहा। इस रेंज ने करंसी मार्केट में अचानक झटकों को सीमित रखा और मुद्रास्फीति या अन्य व्यापक मैक्रो घटनाक्रम से संबंधी किसी एकल निष्कर्ष की सफाई नहीं दी।
कुल मिलाकर, दोनों सत्रों की पंजीकृत जानकारी से संकेत मिलता है कि जुलाई के अंतिम कारोबारी दिनों में भारतीय इक्विटी बाजारों में हल्की मजबूती बनी रही और क्रांतिकारक उतार-चढ़ाव के संकेत सीमित रहे। आगे की दिशा के लिए निवेशक आगे आने वाले आर्थिक संकेतकों, कंपनी-अधिलेख और वैश्विक बाजार संवेदनशीलताओं पर नजर रख सकते हैं।
