राज्यसभा ने बिल को 29 जुलाई को मंजूरी देने के बाद संसद का अगला चरण लोकसभा में 30 जुलाई को पूरा हुआ। दोनों सदनों में पेश किए गए संशोधन के जरिए 1971 के Prevention of Insults to National Honour Act में बदलाव कर 'वंदे मातरम' को भी कानूनी सुरक्षा दी जाएगी।

लोकसभा में बिल को विभागीय मंत्री ने पेश किया और सरकार ने इसे राष्ट्रीय प्रतीक के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए पारित करने की वकालत की। चर्चा के बाद हाउस ने बिल पर मतदान कर इसे मंजूर कर लिया।

पार्लियामेंट में बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर और भीतर प्रदर्शन किए और सरकार से हालिया छात्र प्रदर्शन व उनसे जुड़ी पुलिस कार्रवाइयों पर जवाब माँगा। दोनों पक्षों के विरोध-प्रतिक्रियाओं के बीच सदन की कार्यवाही में शोर-शराबा रहा और सत्र समाप्त होने से पहले अवकाश की घोषणा भी हुई।

सरकार ने बताया कि यह संशोधन मौजूदा कानून के दायरे को विस्तृत करने का प्रयास है; वर्तमान कानून पहले से राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के संबंध में कुछ व्यवहारों को रोकता है और अब समान संरक्षण 'वंदे मातरम' पर भी लागू होगा।

उल्लेखनीय है कि उपयुक्त विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिल को आगे की औपचारिकताओं के लिए अगली प्रक्रिया से गुजरना होगा। संसद में हुए आदान‑प्रदान में विपक्ष ने इस कदम की आलोचना करते हुए तर्क दिए कि कानून के दायरे और प्रवर्तन से असंवैधानिकता या संवैधानिक आज़ादियों पर प्रभाव पड़ सकता है; सरकार ने इसे राष्ट्रीय एकता और प्रतीकों के सम्मान के सवाल के रूप में पेश किया।

तीनों स्रोतों से मिलकर बनायी गई रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट है कि इस बिल ने संसद का मंजूरी चरण पूरा कर लिया है और पार्लियामेंटरी प्रक्रियाओं की अगली कड़ी अब लागू होगी।

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संदर्भ स्रोतNDTV IndiaABP News IndiaTimes of India Top Stories