हॉकी इंडिया ने जुलाई के अंत में आगामी FIH हॉकी विश्व कप (15–30 अगस्त, 2026, नीदरलैंड और बेल्जियम) के लिए पुरुष व महिला राष्ट्रीय टीमों की फील्ड जर्सी का रंग नीले से केसरिया में बदलने की जानकारी जारी की। फेडरेशन ने कहा कि निर्णय कोचों व खिलाड़ियों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया था और तकनीकी कारण प्राथमिक थे।
Hockey India की व्याख्या के अनुसार आधुनिक अंतरराष्ट्रीय महीने पर उपयोग होने वाला नीला सिंथेटिक मैदान पारंपरिक नीली जर्सी के साथ दृश्य मिलान कर देता था, जिससे मैच के दौरान स्पष्टता व टीम-सदस्यों को पहचानने में बाधा आती थी; इसी समस्या को दूर करने के लिए विकल्पों पर चर्चा हुई और केसरिया अंतिम रूप में चुना गया।
डिजाइन में सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक तत्व जोड़े गए हैं: जर्सी के केंद्र में मंडला-प्रेरित पैटर्न, छाती पर आधुनिक स्वरूप में सुधर्शन चक्र जैसा ग्राफिक, कंधों व साइड पर तिरंगे की पाइपिंग और सामने 'INDIA' को स्टाइलाइज़्ड देवनागरी में दिखाने की व्याख्या फेडरेशन ने की है। फेडरेशन ने यह भी बताया कि टीम किट में सफेद जर्सी वैरिएंट भी शामिल रहेगा।
पूर्व कप्तान व खेल संगठन से जुड़े प्रतिनिधि ने जर्सी के रंग बदलने पर सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया और टीम की परंपरा व पहचान पर संख्या-आधारित तर्क दिए। इस प्रतिक्रिया के बाद फेडरेशन ने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रीय टीम के जर्सी-रंग में बदलाव पहले भी हुआ है — 2014 में पीला और 2018 में स्काई ब्लू इस्तेमाल की मिसालें दी गईं।
इसके परिणामस्वरूप चर्चा का محور तकनीकी तर्क, टीम-पहचान और प्रतीकात्मकता बन गया है। फेडरेशन की घोषणा और पूर्व कप्तान की प्रतिक्रिया दोनों ने प्रसार के बाद सोशल व मीडिया प्लेटफॉर्मों पर बहस तेज कर दी है। अगले महीने के विश्व कप में टीमें नई जर्सी में उतरेंगी; टूर्नामेंट की तारीखें और स्थान Hockey India और टूर्नामेंट आयोजकों द्वारा घोषित हैं।
