पुलिस ने कहा है कि 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना में जीरो FIR दर्ज की गई, जिसमें आरोप है कि जंतर मंतर पर हुई एक प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर घूम रहे वीडियोज़ के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करवाई।

शिकायत नोएडा पुलिस के हवाले से दर्ज कराई गई और मामले की जांच आगे के अधिकार क्षेत्र वाले दिल्ली पुलिस के संसद स्ट्रीट थाना को भेज दी गई है। नोएडा पुलिस ने प्रकरण में जिन धाराओं का उल्लेख किया है उनमें 352 (जानबूझकर अपमान से शान्ति भंग करने का प्रयोजन), 353(1) (जनहित व सार्वजनिक बेगानी को भड़काने वाले वक्तव्य) और 356(1) (मानहानि) के प्रावधान दर्ज हैं।

प्रशासनिक रेकॉर्ड में प्राथमिकी दर्ज कराने वाली का नाम घनीभूत है और शिकायतकर्ता को गाज़ियाबाद का निवासी बताया गया है; उन्होंने सोशल मीडिया पर घूम रहे कई वीडियो और पहचान संबंधी जानकारियों के आधार पर पुलिस के समक्ष प्रार्थना की। मामले के अनुसार वीडियो में दिखाई देने वाली महिला की पहचान पुलिस ने रुचिका सिंह के रूप में की है। पुलिस ने बताया कि रिहायशी पते के रूप में नोएडा में उसके एक फ्लैट का उल्लेख है, जबकि वह परिवार के साथ हरियाणा के एक गाँव में रहती दिखाई देती है और नोएडा का फ्लैट लॉक स्थित मिला।

ये घटनाएँ उस प्रदर्शन के समय की बताई जा रही हैं जो 23 जुलाई को जंतर मंतर में Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में हुई थी; प्रदर्शन के वीडियो और क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे जिनके आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई।

नोएडा पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे स्थानांतरित करने और आगे की कानूनी तथा अन्वेषण संबंधी कार्रवाई के लिए आवश्यक औपचारिक कदम उठाने की जानकारी दी है। समुचित जांच के बाद ही आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।

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संदर्भ स्रोतIndia Today LatestHindustan Times IndiaTimes of India Top StoriesNDTV India