बुधवार-रात से गुरुवार की ओर अमेरिका के सेंटकमान्ड (CENTCOM) ने घोषणा की कि उसने ईरान में दर्जनों इस्लामी क्रांति गार्ड कॉर्प्स (IRGC) संबंधित निशानों पर ‘‘भारी लहर’’ के रूप में हवाई हमले किए। सैन्य बयान के अनुसार हमले में सैन्य कमान केंद्र, मिसाइल व ड्रोन सुविधाएँ, तटीय निगरानी और समुद्री क्षमताओं के ठिकाने शामिल थे। (CENTCOM बयान — BBC, Indian Express)
ईरानी आधिकारिक मीडिया और स्थानीय रिपोर्टों में क़ेश्म द्वीप और आबादान समेत दक्षिण और पश्चिम के कुछ इलाकों में धमाकों और हवाई हमलों की सूचना दी गई। ईरानी सरकारी एजेंसी और फर्स ने क़ेश्म पर एक परिवार के तीन सदस्यों के — पिता, माँ और दो साल के बच्चे — के मारे जाने की खबर दी; अन्य रिपोर्टों में द्वीप पर चोटिलों की सूचना भी आई। (BBC, Indian Express)
जॉर्डन की सशस्त्र सेनाओं ने राज्य प्रसार माध्यमों के अनुसार पांच मिसाइलों को नीचे गिराया, जिन्हें ईरान की ओर से भेजा गया बताया गया। अमेरिकी सैन्य आदेशों का कहना है कि हमलावर मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया था; इसके बाद CENTCOM ने ईरान के लक्ष्यों पर प्रत्यावर्ती हमले किए। (BBC, France 24)
क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य: यह हमला अप्रत्यक्ष वार और जवाबी कार्रवाइयों की एक नई कड़ी का हिस्सा है, जो अप्रैल की आंशिक युद्धविराम के टूटने के बाद जून में फिर तेज हुआ था। हाल के दिनों में अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशियाओं पर मिलकर अभियान चलाया था, और ईरान ने बंदरगाहों तथा जलमार्गों पर जहाज़ों और लक्ष्यों को निशाना बनाया है — जिससे माल-रूपांतरण और समुद्री सुरक्षा प्रभावित हुई है। (BBC, Indian Express, France 24)
राष्ट्रों और सैन्य कमांडों से प्राप्त सार्वजनिक बयानों के अलावा, घटनास्थल से नागरिक जीवन पर असर की तस्वीरों और इंटरनेट व बिजली कटौती की स्थानीय खबरें सामने आई हैं; स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय देशों के बीच कूटनीतिक दबाव बढ़ गया है। (BBC, Indian Express)

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