गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत–श्रीलंका सिरिज के दौरान बार-बार होने वाली बारिश के बावजूद मैदान तैयार रखने का श्रेय यहां तैनात ग्राउंडस्टाफ को जाता है। स्थानीय निरीक्षण और अनुभवी समन्वय से पूरा मैदान कम समय में ढक दिया गया: टीम का नेतृत्व मान्जुला कर रहे थे और कुल 130 लोग मैदान पर तैनात थे।
सूत्रों के अनुसार टीम में केवल 16 कर्मचारी स्थायी हैं; अतिरिक्त 10 कर्मी हैम्बनटोटा से आते हैं और बाकी कर्मचारियों को मैच तथा अभ्यास सत्रों के लिए दैनिक आधार पर भर्ती किया जाता है। भारी 100x100 फिट के कवर प्रत्येक लगभग 650 किलोग्राम से अधिक वजन के होते हैं और पूरे मैदान को ढकने के लिए लगभग 28 कवर उपयोग किए गए।
कवरों को रखने के बाद तेज हवाओं से बचाने के लिए 300 से अधिक रबर टायर मैदान पर रखे गए। जमीन पर पानी निकासी और पिच-स्पेशल हिस्सों की सुरक्षा के क्रम को पूर्वनिर्धारित रखा जाता है: पहले पिच और स्क्वायर, फिर रन-अप और फिर बाकी आउटफील्ड। बारिश रुकने के बाद चार सुपर-सॉपर मशीनों से जलनिकासी कराये जाते हैं ताकि खेल जल्द फिर से जारी किया जा सके।
कर्मचारियों का वेतन दैनिक आधार पर और अवधि के अनुरूप होता है। मैच खत्म होने के बाद कुछ दिवस कार्य समाप्त होते ही कई लोग लौट जाएंगे, जबकि मैदान की तैनाती और तकनीक—कवर, टायर व सुपर-सॉपर—ने निर्णायक भूमिका निभाई।

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