धर्मेंंद्र प्रधान का स्वागत ऐसे ही नहीं किया गया! मानसून सत्र के दौरान पहली बार पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लोकसभा पहुंचे तो वहां का नजारा काफी चौंका देने वाला था। संसद परिसर में प्रधान का सांसदों और मंत्रियों ने स्वागत कर अदभुत् दृश्य उत्पन्न कर दिया। धर्मेंद्र प्रधान को भी उम्मीद नहीं रही होगी कि सरकार और पार्टी के सांसद उनका सम्मान और सत्कार करने वाले हैं। वहीं इंडिया ब्लाक के सभी दलों के नेताओं ने भाजपा के इस प्रकरण पर जमकर हमले किये। खासतौर से सांसद प्रियंका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए के सहयोगी दल कितने बेशर्म हैं कि एक अकुशल, लापरवाह नकारे और भ्रष्टाचारी मंत्री का ऐसा भव्य स्वागत कर भाजपा ने अपनी घटिया सोच का खुलासा किया है। विपक्ष ने यह भी कहा कि ये सब कुछ इसलिये किया जा रहा है कि कहीं धर्मेंद्र प्रधान आवेश मे आ कर सरकार का पर्दाफाश न कर दें। यह राजफाश न कर दें कि पेपर लीक के जरिये होने वाली कमाई का कितना हिस्सा किस किस मंत्री या सरकार के पास जाता है। इससे पूरी सरकार के तोते उड़ जाते और सरकार की ईमानदार छवि का फजीहता हो जाता यही वजह है कि प्रधान की शान में कसीदे पढ़े जा रहे हैं। ताकि उस पर नियंत्रण बना रहे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस और इंडिया ब्लाक के दलों ने काफी समय से सरकार को घेर रखा था। लेकिन सीजेपी के धरनाप्रदर्शन के आगे सरकार को घुटने टेकने पड़ा और 25 तारीख को मोदी सरकार ने प्रधान का इस्तीफा मांग लिया जिससे सीजेपी ने सरकार के साथ सशर्त करार कर अपना जंतर मंतर से मोर्चा समाप्त करने का फैसला कर लिया।