केंद्र के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उनकी हटाने की मांगों के बीच इस्तीफा दिया; यह कदम उस आन्दोलन की तीव्रता के बीच आया जो कई हफ्तों तक चले। प्रदर्शनकारी समूह Cockroach Janata Party (CJP) ने लंबे समय तक जंतर मंतर पर बैठकर NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी जैसी शिकायतों को उठाया।
प्रशन के दौरान CJP का आंदोलन कम से कम 37 दिन तक जारी रहा — इस अवधि और इस्तीफे की खबर दोनों प्रकाशनों में साम्य दिखती है। अगले दिन CJP के नेता अभिजीत दीपक ने सोशल प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो संदेश जारी कर आंदोलन के समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि अब उन्हें थोड़ी राहत मिली है और आंदोलन आगे बढ़ेगा।
वीडियो में दीपक ने उन लोगों का धन्यवाद कहा जो जंतर मंतर पर लगातार बने रहे और देश भर में प्रदर्शनों में शामिल हुए। उन्होंने आलोचकों का भी आभार माना, यह कहते हुए कि उनकी उठाई गयी चुनौतियों और सवालों ने संगठन को सुधारने में मदद की।
दीपक ने उन लोगों से भी माफी माँगी जिन्हें उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर मिलने और धन्यवाद देने का वादा पूरा नहीं किया। दोनों स्रोतों के अनुसार उन्होंने स्वास्थ्य समस्या बताई और कहा कि उन्हें टाइफायड हुआ था और तेज बुखार आया, इसलिए वे आयोजनों में शामिल नहीं हो पाए।
प्रदर्शन-प्रसंग, इस्तीफे और दीपक के बाद के बयान पर दोनों प्रकाशनों में एक समान तस्वीर दिखती है: प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के नेतृत्व ने समर्थकों को धन्यवाद कहा और आगे की गतिविधियों के लिए संकेत दिए। आगे की कानूनी या राजनीतिक कार्रवाई तथा सरकार और CJP के अगले कदमों के बारे में जो विवरण एक स्रोत में मौजूद थे, वे दूसरे स्रोत में स्पष्ट रूप से पुष्ट नहीं थे; इसलिए रिपोर्ट में केवल उन बिंदुओं को शामिल किया गया है जो दोनों स्रोतों द्वारा सहमति में दर्शाए गए हैं।