यूपी में भाजपा के अंदर मचा घमासान
सीएम योगी के खिलाफ दिग्गज हुए लामबंद
जैसे जैसे यूपी में विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं वैसे वैसे यूपी की राजनीति में उबाल आता जा रहा है। योगी आदित्यनाथ यूपी में हैट्रिक लगाने की जुगत हैं तो वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव इस जुगाड़ में हैं कि अब बार योगी सीएम की कुर्सी पर न बैठ सके। आम चुनाव में कांग्रेस और सपा के गंठबंधन ने भाजपा को धूल चटाते हुए 43 सीटों पर जीत हासिल की थी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। एक तरफ इंडिया ब्लॉक योगी को अपदस्थ करने की ताल ठोक रहा है तो दूसरी ओर भाजपा के अंदर की कलह भी सार्वजनिक हो रही है। योगी के खिलाफ भाजपा के दिग्गज नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और योगी का छत्तीस का आंकड़ा सबको मालूम है क्यों कि दोनों ही गोरखपुर की राजनीति से आते हैं।
चहुंओर घिरते जा रहे हैं योगी आदित्यनाथ
दस सालों से योगी यूपी के मुख्यमंत्री पद पर हैं। तीसरी बनने की फिराक में हैं। इसके अलावा ये भी जगजाहिर है कि योगी और शाह के बीच भी टकराव देखा जाता है ये किसी से छुपा नहीं है। इसके अलावा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी योगी से खुश नहीं दिखते हैं। ये भी किसी से छुपी नहीं है। दूसरी ओर यूपी के भाजपा ब्राह्मण विधायकों में भी योगी के कार्य प्रणाली से नाराजगी है। केन्द्रीय भाजपा नेतृत्व भी इस बात को लेकर काफी चिंतित है। ये भी चर्चा में है कि चुनाव के करीब एक दम करीब योगी को केन्द्र की राजनीति में शामिल कर किसी ओर नेता को सीएम की जिम्मेदारी सौंप दी जायेगी। यह भी सुना जा रहा है कि चुनाव होने तक योगी को सामने रखा जायेगा लेकिन परिणाम आने के बाद सीएम किसी अन्य नेता को बना दिया जायेगा। बिहार, एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भाजपा ने यह प्रयोग भी किये हैं।
यूपी की दशा और दिशा मोदी शाह के लिये खतरे की घंटी
पीएम मोदी यूपी की आंतरिक कलह से काफी चिंतित हैं क्यों कि यूपी ही है जहां 80 सांसद चुन कर आते हैं। पिछले आम चुनाव में भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। उसका परिणाम यह हुआ कि नरेंद्र मोदी को नितीश और नायडू की बैसाखी का सहारा लेकर सरकार चलानी पड़ रही है। उन्हें मालूम है कि जो यूपी जीतता है वहीं केन्द्र पर कब्जा कर लेता है। पिछले आम चुनाव से मोदी शाह को चौंका दिया है। अगर यूपी में भाजपा की सरकार नहीं बनी तो मोदी का चौथी बार पीएम बनने का सपना अधूरा रह जायेगा। इस लिये यूपी चुनाव जीतने के लिये मोदी शाह एड़ी चोटी का दम लगा देगी। चुनाव आयोग के साथा जांच एजेंसियां पूरी तरह से विपक्षी नेताओं के घर और कार्यालयों पर दबिशें देना शुरू कर देंगी। इसके अलावा गोदी मीडिया तो उनके साथ पहले से ही कदम ताल कर रहा है।
अपने ही गिराते हैं नशेमन पर बिजलियां
यूपी में राजनीतिक रंग पल पल बदल रहे हैं इसे लेकर भाजपा काफी मंथन कर रही है। भाजपा चाहती है कि यूपी पर उसका कब्जा बना रहे। लेकिन दूसरी ओर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पूरी तरह से एड़ी चोटी का दम लगा रही है कि बार सत्ता परिवर्तन हो जाये। एक चैनल पर मौजूद यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी से सवाल किया गया कि अगला चुनाव योगी के नेतृत्व में लड़ा जायेगा और सीएम पद के दावेदार हैं। तो चौधरी ने इस बात का साफ साफ जवाब नहीं दिया। गोल मोल जवाब दिया कि भाजपा में चुनाव के पहले सीएम पद का ऐलान नहीं किया जाता है। उनके इस बयान का राजनीतिक अर्थ निकाला जा रहा है कि योगी को चुनाव बाद सीएम नहीं बन माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने टीवी शो पर यह कह कर चौंका दिया कि वो अगली बार सीएम के रूप में आपके शो में आ सकते हैं।

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