पीएम मोदी को लग गयी साढ़े साती

मुश्किलों से जूझ रही है केन्द्र सरकार

Vinay Goel

ये देखा जा रहा है कि केन्द्र सरकार और पीएम मोदी को किसी की नजर लग गयी है। वो जो कुछ भी करते हैं या बोलते हैं उसके लपेटे में आ जाते हैं। 15 अगस्त के दिन उन्होंने लाल किले की प्राचीर से दिमागी नक्सल कह कर सबको चौंका दिया था। पूरे विपक्ष ने उन्हें घेरते हुए कहा कि पीएम मोदी सरकार से सवाल जवाब करने वालों को दिमागी नक्सल बोल रहे हैं। इसका मतलब सरकार की आलोचना करना जनहित से जुड़े मुद्दे संसद में उठाने वाले दिमागी नक्सल हैं। मीडिया प्रभारी उनके इस बयान को टीवी डिबेट में बचाव करने में काफी परेशान दिखे। वो यह कहते कि पीएम ने विपक्ष को दिमागी नक्सल नहीं बोल रहे थे। उस विवाद को शांत हुए अभी अभी कुछ दिन ही बीते थे कि पीएम ने एक बार फिर विपक्ष का निशाने पर रखते हुए एक निजी कार्यक्रम एक और विवादित टिप्पणी कर दी उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को उन्होंने लाल किले के प्राचीर से दिमागी नक्सल कहा तो कुछ लोगों को बुरा लग गया था। वो तो बीमारी को जड़ से खत्म करने की होमियोपथ की मीठी गोली थी। सरकार कुछ भी करने का मन बनाती है तो कुछ फूफाओं को मिर्च लग जाती है। पीएम मोदी दिल्ली के श्रीराम कामर्स कालेज में छात्रों से संवाद कर रहे थे। ये सब इसलिये किया जा रहा है कि युवाओं में उनके प्रति जो गुस्सा है उसे हल्का किया जा सके। सीजेपी के आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के साथ पीएम मोदी के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया था। देश में उनकी छवि भी काफी हद तक धूमिल हुई थी। इसके अलावा विदेशों में भी उनकी काफी आलोचना की जा रही है।

लगातार मोदी सरकार के प्रति बढ़ रहा जनाक्रोश

पिछले एक डेढ़ साल से मोदी सरकार एक न एक ऐसे मामलों में घिरती जा रही है। पहले एप्सटीन फाइल में पीएम मोदी का नाम से सरकार को घेरा गया। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री हरजीत पुरी की दुर्दांत बाल यौन शोषण् अपराधी एप्सटीन के साथ ​मुलाकातों को लेकर विपक्षी दलों ने पुरी का इस्तीफा मांगा का। इस मामले से भी पीएम मोदी और सरकार की काफी थू थू हुई। अभी वो मुसीबत कम हुई नहीं कि अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट के बारे में संगीन खुलासे हुए। विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावे चोरी का खुलासा कर दिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर मंदिर चोरी कांड के लिये भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया। सोशल मीडिया पर यह मामला अभी भी चर्चा में बना है।

एसआईटी की रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल

यूपी सीएम इस में जांच के लिये एक एसआईटी का गठन कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस मामले को ठंडा करने के लिये एसआईटी गठित की है कि बीजेपी और आरएसएस नेताओं को क्लीन चिट मिल सके। योगी चंपत राय एण्ड टीम को बचाने सफल रहे!ट्रस्ट के कर्ताधर्ता चंपत राय, बीजेपी नेता अनिल मिश्र व राव, कोषाध्यक्ष गोपाल गिरि का नाम चोरी में मुख्य आरोपियों में था। एसआईटी की रिपोर्ट में सभी मुख्य आरोपियों को नामजद नहीं किया है। भाजपा के लिये सबसे बड़ी चुनौती आने वाले साल में आधा दर्जन चुनाव हैं चिंता सता रही है कि कहीं इन सभी मुद्दों की वजह से मोदी शाह का विजय रथ कहीं फंस न जाये।

सीजेपी के निशाने पर पीएम मोदी और एनडीए सरकार

सीजेआई की विवादित ​काक्रोच कहने से देश की राजनीति में भूचाल आ गया। देश में काक्रोच जनता पार्टी का गठन हो गया। सीजेपी ने शिक्षा मंत्रालय में करप्शन मिस मैनेजमेंट और नीट पेपरलीक के साथ एनटीए की मनमानी के खिलाफ आंदोलन चलाया। इस आंदोलन की आंच में पीएम मोदी और शाह भी आ गये हैं। अब पीएम मोदी और शाह का प्रयास है कि किसी तरह सीजेपी के साथ विपक्ष के ​हमलों से कैसे बचा जाये। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि मोदी शाह के बुरे दिन शुरू हो गये हैं। महंगाई के साथ साथ एथनॉल के उपयोग को लेकर भी देश भर में आंदोलन किये जा रहे है। हालात यह है कि पीएम मोदी के खिलाफ ट्रंप अभी भी गंदी गंदी टिप्पणी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

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