भारत और ब्रिटेन के शीर्ष नेताओं के बीच यह पहला प्रभार-संवाद इस महीने के बीचों‑बीच आया, जब दोनों ने द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक एजेंियों में कदम बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल‑मीडिया संदेश में बर्नहैम को कार्यालय संभालने पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच मजबूत जुड़ाव को आगे बढ़ाने की خواہش जताई; इस पर विभिन्न ब्रिटिश और भारतीय मीडिया निकालों ने रिपोर्ट किया।
दोनों ने तकनीकी नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा व व्यक्ति‑दर‑व्यक्ति संपर्कों समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी का दायरा विस्तृत करने पर सहमति व्यक्त की। ब्रिटीश रीडआउट ने कहा कि बर्नहैम ने यूके‑इंडिया टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समेत उभरती तकनीकों में सहयोग के संभावित रास्तों पर चर्चा की।
बातचीत का एक प्रमुख विषय इस महीने 15 जुलाई को प्रभावी हुआ भारत‑यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता भी रहा। नेताओं ने उस समझौते से व्यापार और निवेश के अवसरों को पूरी तरह भुनाने पर ज़ोर दिया। पब्लिश्ड कवरेज के अनुसार यह समझौता पिछले साल जुलाई में अंतिम रूप में आया था और रिपोर्टों का कहना है कि इसके तहत भारत के निर्यात के करीब 99 प्रतिशत आइटमों के लिए जीरो‑ड्यूटी पहुँच सुनिश्चित होती है।
दोनों ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी विचार साझा किए। ब्रिटिश रीडआउटों के मुताबिक मोदी और बर्नहैम ने पश्चिम एशिया में हालात पर चर्चा की और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पुनः खुलने व संकट के постепीय शमन के लिए निकट समन्वय करने पर सहमति जताई।
वार्तालाप के दौरान नेताओं ने यूके में बसे भारतीय समुदायों के योगदान पर सकारात्मक टिप्पणियाँ कीं; दोनों ने अपने‑अपने गृहनगरों—मैनचेस्टर और अहमदाबाद—के बीच सामाजिक और आर्थिक कड़ियों का उल्लेख किया।
दोनों कार्यालयों के बयानों के अनुसार दोनों प्रधानमंत्री निकट भविष्य में फिर बातचीत करने और जल्द आमने‑सामने मिलने की संभावना पर सहमत हुए, ताकि हालिया समझौतों व पहलों को ठीक प्रकार से लागू किया जा सके।

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