Jamshedpur FC ने 2026-27 Indian Super League (ISL) में हिस्सा न लेने की सूचना दी। क्लब की इस घोषणा को सोशल मीडिया के जरिए किया गया सार्वजनिक संदेशों में साझा किया गया और इससे लीग के आगामी सत्र की टीम‑गणना प्रभावित हुई।

घटती टीम‑संख्या के असर की रूपरेखा पहले ही स्पष्ट हो चुकी है: अधिकारियों और खेल समुदाय के स्रोतों के अनुसार, आने वाला ISL सीजन अब 13 टीमों के साथ खेला जाएगा। यह बदलाव लीग के लेखा‑जोखा और मैच‑तालिका दोनों पर असर डालने की संभावना रखता है।

घटनाक्रम पर तत्काल प्रतिक्रिया में भारत के अनुभवी स्ट्राइकर Sunil Chhetri ने क्लब के फैसले पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सामाजिक प्लेटफॉर्म पर यह कहते हुए प्रबोधन दिया कि Jamshedpur की पहली‑टीम गतिविधियों के ठहरने से खिलाड़ियों और सहायक स्टाफ की नियोजन‑स्थिति अनिश्चित हो जाएगी और Tata समूह से क्लब के इस कदम पर दोबारा विचार करने की अपील की। कई कवरेज में यह भी कहा गया कि उनका मानना है कि Tata के शीर्ष‑स्तर में न होने से भारतीय फुटबॉल के लिए बड़ा नुकसान होगा।

Jamshedpur FC को 2021‑22 सत्र में ISL Winners' Shield से सम्मानित किया गया था; क्लब और उससे जुड़े Tata Football Academy की भूमिका को व्यापक रूप से भारतीय फुटबॉल के विकास में अहम माना जाता रहा है। यही कारण है कि क्लब के हाई‑प्रोफाइल मालिकाना ढाँचे के पीछे हटने से खेल‑वृत्त में असंतोष और आशंकाएँ तेज़ हुई हैं।

हालांकि क्लब के आगे के इरादों और वरिष्ठ टीम के कर्मचारियों व खिलाड़ियों की पेशेवर स्थिति पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है, और कई हितधारक Tata समूह से स्थिति पर पुनर्विचार करने का अनुरोध कर रहे हैं। लीग संचालक और संबंधित पक्षों की औपचारिक प्रतिक्रियाएँ अभी सार्वजनिक तौर पर जारी नहीं हुई हैं।

संदर्भ स्रोतThe Hindu SportNDTV SportsIndian Express Sports
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