3 अगस्त की रात Apple ने वैश्विक स्तर पर Telegram को App Store से हटा दिया। Apple ने यह कदम प्लेटफॉर्म पर मौजूद बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) के कथित उल्लंघन के आधार पर उठाया, और इस कार्रवाई की सूचना Bloomberg के एक पत्रकार के माध्यम से दी गई।
App Store से हटाए जाने के दौरान जिन उपयोगकर्ताओं के पास पहले से ऐप इंस्टॉल था, वे उसे चालू रख सके; नई डाउनलोड फिलहाल रोक दी गई थीं। Apple ने अगले ही दिन ऐप को पुनः सूचीबद्ध कर दिया, साथ में बताया गया कि Telegram ने बताए गए अवैध कंटेंट को हटाकर उस उपयोगकर्ता को बैन कर दिया जिसने सामग्री पोस्ट की थी।
Telegram के संस्थापक पावेल दुरोव ने घटनाक्रम को एक कथित 'अशोधित ब्लैकमेल/एक्सटॉर्शन' के तौर पर बताया। उन्होंने यह बताया कि एक बदमाश ने सार्वजनिक समूह में AI-परिवर्तित अवैध सामग्री प्लांट कर दी और संदेश को संपादित करके सदस्यों के देखने और रिपोर्ट करने के तरीकों को प्रभावित कर दिया — और दुरोव ने यह भी कहा कि Apple ने Telegram से संपर्क किए बिना ही ऐप हटा दिया। Telegram ने यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म पर नियमों के उल्लंघन करने वाले समूहों और चैनलों की बड़ी संख्या को उन्होंने हटाया है; कंपनी के मुताबिक 2026 में उसने CSAM से जुड़े लाखों समूह/चैनलों में से सैकड़ों हजार हटाए।
यह कदम Telegram के लिए नया नहीं है। पिछले वर्षों में प्लेटफॉर्म पर संवेदनशील सामग्री और मॉडरेशन नीति को लेकर कई बार कार्रवाई और विवाद सामने आए हैं: App Store से हटाने का एक इतिहास है, अन्य देशों में बैन और सरकारी चेतावनियाँ रहीं, और संस्थापक या प्लेटफॉर्म पर कानूनी जांच के मामले भी दर्ज हुए।
घटना ने एक बुनियादी सवाल उठाया है: मोबाइल ऐप स्टोरों की नीतियाँ और अनुपालन‑प्रक्रिया किस तरह बड़े यूजर‑जनरेटेड प्लेटफॉर्मों के व्यवहार को प्रभावित कर सकती हैं, और प्लेटफॉर्म्स किन तकनीकों (जैसे संदेश संपादन, बॉट्स और AI) का दुरुपयोग रोकने के लिए किस हद तक नियंत्रण बढ़ा सकते हैं। Apple और Telegram दोनों ने अपनी‑अपनी दावे रखे हैं; मामले के सार्वजनिक बयानों और प्लेटफॉर्म की दावांकित कार्रवाइयों के आधार पर ही यह लेख तैयार किया गया है।

टिप्पणियां 0