Meta Platforms ने दूसरी तिमाही में आय और लागत के मिश्रित संकेत दिए: राजस्व सालाना लगभग 28% बढ़कर करीब $60.8 अरब रहा, जबकि शुद्ध मुनाफा 14% घटा। कंपनी ने रिपोर्ट में कानूनी और छँटनी से संबंधित एक‑बारगी खर्चों को भी स्वीकार किया, जिनमें बिल योग्य कानूनी लागत और मई के छंटनी दौर से जुड़े भुगतान शामिल थे।

उसने निवेशकों को बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए डेटा सेंटर और चिप्स पर खर्च इस वर्ष तेज रहेगा और अब यह पूंजीगत व्यय $130 अरब से $145 अरब के बीच रहने का अनुमान है — 2025 के खर्च के लगभग दोगुने के बराबर। कंपनी का कहना है कि AI उसके मौजूदा विज्ञापन व्यवसाय और नए उद्यम अवसर दोनों को तेज कर रहा है, और वे अपनी अतिरिक्त कम्प्यूटिंग क्षमता को बाहरी ग्राहकों को बेचने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

Reality Labs विभाग का घाटा जारी रहा, जबकि वही विभाग हार्डवेयर से जुड़े राजस्व में कुछ वृद्धि दिखा रहा है। Meta का फ्री कैश फ्लो गिर गया है, जिसे विश्लेषकों ने AI‑समर्थित अवसंरचना निर्माण की वजह से बताया़। निवेशकों ने उच्च खर्चों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और स्टॉक ट्रेडिंग के बाद कीमत में गिरावट आई।

कंपनी ने यह भी बताया कि वह AI मॉडल और जनरेटिव टूल्स पर काम जारी रखेगी, और माना जाता है कि आने वाले महीनों में और उत्पाद तथा मॉडल अपडेट आएंगे।

संदर्भ स्रोतThe Hindu TechnologyIndian Express TechnologyThe Hindu Business
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