सिक्योरिटीज़ और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) ने OBPPs के लिए नियमों का दायरा विस्तारित कर दिया है। अब ये प्लेटफार्म SEBI, RBI, IRDAI, PFRDA और IFSCA के अधिकार क्षेत्र में आने वाले उत्पाद, प्रतिभूतियाँ और सेवाएँ उपलब्ध करा सकेंगे। इस विस्तार के अंतर्गत IFSCA-नियंत्रित उत्पादों को प्लेटफॉर्म पर तभी पेश किया जा सकता है जब उन्हें GIFT-IFSC में SEBI-रजिस्टरड स्टॉक-ब्रोकरों के लिए निर्धारित तरीके के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए और FEMA तथा संबंधित बाह्य निवेश नियमों व LRS सीमाओं का पालन किया जाए।

SEBI ने स्पष्ट लेबलिंग का निर्देश दिया है ताकि अंतरराष्ट्रीय/ओवर्सीज़ इंस्ट्रूमेंट्स को घरेलू ऋण प्रतिभूतियों से भिन्न दिखाया जा सके; इन्हें अलग टैब या किसी पृथक वेबसाइट के माध्यम से प्रदर्शित किया जा सकता है। साथ ही, OBPPs को प्लेटफ़ॉर्म पर शिकायत निवारण तंत्र निर्दिष्ट करना अनिवार्य किया गया है।

नियमों में यह भी कहा गया है कि OBPPs अब आयकर अधिनियम की धारा 54EC (1961) और धारा 85 (2025) के तहत जारी किए जाने वाले टैक्स-विशेष बांड ऑफर कर सकते हैं। ऐसे बांडों के लिए प्लेटफार्मों को स्पष्ट डिसक्लेमर देना होगा कि ये केवल कर-लाभ हेतु उपकरण हैं और इन पर SEBI की शिकायत-निवारण शक्ति नहीं बल्कि जारीकर्ता की ही जिम्मेदारी होगी। साथ ही 54EC बांडों की प्रमुख विशेषताएँ—लॉक‑इन अवधि, निवेश सीमा, गैर-हस्तांतरणीय स्थिति और सूचीकरण की छूट—प्लेटफ़ॉर्म पर उजागर करना अनिवार्य होगा।

अनुपालन व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं: OBPPs को SEBI (Stock Brokers) Regulations, 2026 के अनुरूप एक अनुपालन अधिकारी नियुक्त करना होगा और बताया गया प्रमाणन—उदाहरण के तौर पर NISM‑Series‑III‑A—पूरा करना होगा।

संदर्भ स्रोतEconomic Times LatestEconomic Times Markets
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