ओकलैंड, कैलिफोर्निया — बहु-राज्यीय मुक़दमों की अगुआई कर रहे चार राज्यों ने मंगलवार को संघीय अटर्नीजनरी कोर्ट में मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के खिलाफ अपनी ओपनिंग दलीलें पेश कीं। केलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी ने मिलकर 29 राज्यों के गठबंधन की ओर से कहा कि मेटा ने अपने उत्पादों को इस तरह तैयार किया कि वे बच्चों और किशोरों को लंबे समय तक जोड़ें, जिससे मानसिक स्वास्थ्य के नकारात्मक नतीजे सामने आए। (स्रोत: Indian Express, BBC, The Hindu)
राज्य वकीलों का कहना है कि मेटा ने आंतरिक शोध और कर्मचारियों के चैट-लॉग के आधार पर यह जाना था कि कुछ फीचर — जैसे 'टाइम स्पेंट' बढ़ाने की तकनीकें — किशोरों के कल्याण के खिलाफ जा सकती हैं, और सार्वजनिक रूप से सुरक्षा के बारे में भ्रामक जानकारी दी गई। मुक़दमों में यह भी कहा गया है कि कंपनी ने 13 वर्ष से कम आयु के उपयोगकर्ताओं को प्रभावी रूप से प्लेटफॉर्म से बाहर रखने में पर्याप्त प्रयास नहीं किए। (स्रोत: BBC, Indian Express)
मेटा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने स्वीकार किया कि कुछ उपयोगकर्ताओं को सोशल मीडिया उपयोग में कठिनाई होती है, परंतु कंपनी का तर्क है कि उपलब्ध शोध किशोरों के सोशल मीडिया उपयोग और समग्र कल्याण के बीच सीधा कारण-प्रभाव स्पष्ट नहीं करता। मेटा ने यह भी कहा कि उसने बच्चों की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए हैं और कंपनी के शीर्ष निदेशकगण इस विषय पर बदलाव का इच्छुक रहे हैं। (स्रोत: Indian Express, The Hindu)
जज वायोन ने कोर्ट-ज्यूरी व्यवस्था के तहत आठ-सदस्यीय एक परामर्शी ज्यूरी का उपयोग किया; उनकी भूमिका सलाह देना है जबकि अंतिम निर्णय जज ही करेंगी। मुक़दमे में संभावित दंड और नियामकीय आदेशों का दायरा विस्तृत बताया जा रहा है; मेटा ने अपनी अधिकतम वित्तीय जोखिम राशि कुछ ट्रिलियन डॉलर तक बताई है, जबकि राज्य इसे सैकड़ों अरब डॉलर के स्तर पर आंक रहे हैं। परीक्षण कई सप्ताह तक चलेगा और इसमें कंपनी के कई वर्तमान तथा पूर्व कर्मचारियों के दस्तावेज़ी सबूत और गवाहियाँ प्रस्तुत की जाएंगी। (स्रोत: Indian Express, The Hindu)

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