दिल्ली की पाटियाला हाउस अदालत के समक्ष बुधवार–गुरुवार की कार्यवाही में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विजयस्री राठौर ने 2021 में बाराखम्भा रोड थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़े गैर‑जमानती वारंट (NBW) पहले रोके और फिर जब ऐशी घोष उपस्थित हुईं तो वारंट रद्द कर दिए गए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर तक के लिए टाल दी है।

एफआईआर 12 फरवरी 2021 को दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप हैं कि उस दिन बंगा भवन के बाहर छत्रछात्र संगठनों के विरोध के दौरान सार्वजनिक आदेश भंग हुए, आपराधिक घुसपैठ और सामान्य इरादे के तहत कार्य किए गए। आरोपों में भारतीय दंड संहिता की धाराएँ 188, 447 और 34 दर्शाई गई थीं।

प्रवर्तन प्रक्रिया के दौरान पिछले दिनों दिल्ली पुलिस ने सीपीआई(एम) के कार्यालय में NBW निष्पादन के लिए दफ्तरी कार्रवाई की थी, जिसके बाद अदालत में वकीलों ने यह कहा कि ऐशी घोष पिछली सुनवाई पर ‘‘अनिवार्य कारणों’’ से उपस्थित नहीं हो सकीं; इस आधार पर अदालत ने NBW पर अस्थायी रोक लगाई।

मामले में 2022 में चार्जशीट दायर की गई थी और आरोपों पर बहस अभी शेष है। पुलिस का कहना था कि विरोध निर्देशित निषेध क्षेत्र में हुआ और प्रदर्शनकारियों को भड़काने के आरोप लगे; विपक्षी नेताओं ने पुलिस की दफ्तरी कार्रवाई पर सवाल उठाए और संसद में इसका मुद्दा बन गया।

संदर्भ स्रोतThe Hindu DelhiHindustan Times Delhi
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