कोम्बिनेशन ऑफ कैरैक्टर और कंट्रोल ने मंगलवार के मैच में रुख बदला: भारत ने दूसरे क्वार्टर में हारमनप्रीत और दिलप्रीत के गोल से 2-1 की बढ़त बनाई, लेकिन इंग्लैंड ने तीसरे और चौथे क्वार्टर में अधिक आक्रमक गेंद-नियंत्रण और दो फील्ड गोलों सहित कुल तीन गोल कर के मैच पलट दिया। प्रतियोगिता के दौरान इंग्लैंड ने चार गोल किए जबकि भारत दो ही कर पाया।
खेल के नतीजे के बाद तालिका में इंग्लैंड पूल D में दो जीत के साथ शीर्ष पर है, जबकि भारत के खाते में एक जीत और एक हार दर्ज है, इसलिए भारत को अगला मैच पाकिस्तान के खिलाफ परिणाम के आधार पर नॉकआउट चरण की उम्मीदें बरकरार रखनी होंगी।
मैच में कुछ निर्णायक क्षणों में पेनल्टी कॉर्नर, ऑफ-द-बॉल फाउल पर रंग कार्ड और टीमों द्वारा रिव्यू शामिल थे; मैच के अंतिम भाग में भारत को एक-पाँच मिनट के लिए दस खिलाड़ियों के साथ खेलने के निर्देश दिए गए, जिससे इंग्लैंड को आधिकारिक तौर पर अतिरिक्त मौका मिला।
अंततः इंग्लैंड की निरंतर दबाव-भरी रणनीति और दूसरे हाफ में तेज़ फिनिश ने उसे जीत दिलाई, जबकि भारत के पास बचा हुआ समय निर्णायक बदलाव लाने के लिए पर्याप्त नहीं था।

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