अंतरराष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) ने बताया है कि निक कायरगिओस पर 4 अगस्त से प्रोविजनल सस्पेंशन लागू है और यह कार्रवाई उस नमूने के WADA-अक्रेडिटेड लैब द्वारा 17 जुलाई को पुष्टि होने के बाद शुरू हुई, जिसमें बेन्जोयलेक्गोनिन (कोकेन का मेटाबॉलाइट) पाया गया। (The Hindu, Indian Express)
कायरगिओस ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी गलती स्वीकार की और अपने प्रशंसकों, परिवार तथा स्पॉन्सरों से माफी मांगी; उन्होंने बताई कि हाल के वर्षों में वार्तमान चोटें और करियर पर असर मानसिक और शारीरिक रूप से भारी पड़ा है, पर उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह यह कार्य अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने सार्वजनिक जीवन और सोशल मीडिया से 28 दिन के लिए दूरी लेने की घोषणा की। (Indian Express, The Hindu)
ITIA ने कहा है कि प्रोविजनल सस्पेंशन के दौरान कायरगिओस वर्ल्ड टेनिस, ATP, WTA, ग्रैंड स्लैम आयोजनों या राष्ट्रीय संघों द्वारा आयोजित/मान्यता प्राप्त किसी भी कार्यक्रम में खेल, कोचिंग या उपस्थिति नहीं कर सकते। खिलाड़ी के पास सस्पेंशन के खिलाफ अपील का अधिकार है; निक ने अभी तक अपील नहीं दायर की, एजेंसी ने बताया। (Indian Express, The Hindu)
कोकेन को WADA ने प्रतिस्पर्धा के समय पर निषिद्ध स्टिमुलेंट और दुरुपयोग की श्रेणी में रखा है। ऐसे मामलों में, अगर उपयोग प्रतियोगिता के बाहर हुआ और प्रदर्शन से संबंधित नहीं था, तो दंड में कमी का प्रावधान हो सकता है; हालाँकि नमूना टूर्नामेंट के दौरान लिया गया था और आगे की प्रक्रियाएँ और सुनवाईएँ इस आधार पर निर्धारित होंगी। (Indian Express, The Hindu)
कायरगिओस का हालिया सिंगल्स रिकॉर्ड सीमित रहा है — इस सीज़न में उन्होंने बहुत कम मैच खेले हैं और मैल्लोर्का ओपन में पहला राउंड हार दर्ज की थी; उन्होंने विंबलडन में डबल्स भी खेले। खेल करियर के साथ-साथ वे पहले भी मानसिक स्वास्थ्य और अनुशासन संबंधी चुनौतियों पर खुले रहे हैं। (Indian Express, NDTV)
अगला कदम: मामला एंटी-डोपिंग प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा और संभावित दंड सुनवाई के बाद तय होगा। (Indian Express, The Hindu)

टिप्पणियां 0