Aam Aadmi Party (AAP) के पंजाब सह‑इनचार्ज सत्येंद्र जैन को Anti‑Corruption Branch (ACB) ने एक दर्जन करोड़ के कथित sewage treatment plant (STP) टेंडर घोटाले के सिलसिले में गिरफ़्तार किया। गिरफ्तारियों की टाइमिंग को देखते हुए पार्टी ने कहा है कि यह पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र किया गया कदम है, जबकि सत्तारुढ़ भाजपा और ACB ने जांच और सबूतों के आधार पर कार्रवाई होने का दावा किया है।

AAP महासचिव और पार्टी प्रमुखों ने पिछली गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए इस घटना को चुनावी गुटबाजी और 'नीति' बताते हुए आरोप लगाए। पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी उसी राग को दोहराया और कहा कि ऐसे मामलों की प्रवृत्ति चुनाव से पहले बढ़ जाती है। AAP के वकील ने न्यायालय में यह दलील पेश की कि जैन का टेंडर प्रक्रिया में कोई प्रत्यक्ष कर्तव्य नहीं था और जांच के तथ्यों से आरोप मेल नहीं खाते।

दूसरी ओर भाजपा के नेताओं ने कहा कि ACB की कार्रवाई लंबी जांच के परिणामस्वरूप हुई और दोषियों के खिलाफ नियम के तहत कदम उठाया जाएगा। मामला 2022 से शुरू हुआ रिकॉर्ड और एक डीविज़न द्वारा दर्ज शिकायतों पर आधारित बताया जा रहा है; जैन पर इससे पहले 2022 में धन शोधन से जुड़ी दूसरी प्रवर्तन‑कठोर कार्रवाई भी हुई थी और वह उस गिरफ्तारी के बाद जमानत पर थे।

मामले की विधिक प्रक्रिया जारी है और जैन को न्यायालय में पेश किया गया। राजनैतिक बयानबाज़ी के बीच मामले की सत्यता और आरोपों की न्यायिक प्रतिनिधि‑जाँच से ही निर्णायक तस्वीर सामने आएगी।

संदर्भ स्रोतIndian Express DelhiIndian Express LatestNDTV IndiaIndia Today Nation
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