बुधवार को राजद द्वारा आयोजित मार्च में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पटना के रूट पर रोककर पुलिस वाहन में बैठाया गया और करीब एक घंटे बाद उन्हें रिहा किया गया। रैलियों का उद्गम जेपी गोलंबर से था और उद्देश्य लोक भवन (राजभवन) को ज्ञापन सौंपना बताया गया।
संगठित प्रदर्शन का केंद्र विगत जुलाई के Siwan छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 दिखने/उपयोग होने की कथित घटना थी; यही मसला रैलियों में उठाया गया। रैली के दौरान पुलिस ने विरोधियों की आगे बढ़ती क़दमताल रोकने के लिए वाटर कैनन का उपयोग किया।
पुलिस ने गिरफ्तार करने की पुष्टि पटना के वरिष्ठ अधिकारियों ने की और बाद में तेजस्वी को रिहा कर रैली वापस रजिस्टर्ड कार्यालय के पास रोकी गयी। रैली में राजद की अन्य सक्रियता—मिसा भारती की भागीदारी और उन्हें भी रोके जाने की घटनाएँ—भी रिपोर्टों में दिखाई देती हैं।
Siwan घटना के संदर्भ में राज्य सरकार ने संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित किया और Siwan के सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस सहित कुछ वरिष्ठ अफसरों के बदलाव की सूचनाएँ भी सामने आईं। राज्य पुलिस की प्रारम्भिक बयानों में कहा गया कि जांच जारी है और फायरिंग के परिणामस्वरूप किसे चोटें आईं यह स्पष्ट होना बाकी है।

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