संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने क्षेत्रीय तनाव के बढ़ने का हवाला देते हुए ईरान के साथ सभी व्यापारिक, वाणिज्यिक और वित्तीय लेन-देन निलंबित करने का निर्णय लिया है। यूएई विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफ्रा अल हमेली ने घोषणा की कि यह रोक ‘‘अगले आदेश तक’’ लागू रहेगी। यह कदम उस घटना के बाद आया है, जब यूएई ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान से लॉन्च की गई दो बैलिस्टिक मिसाइलें लक्ष्य की ओर आते हुए दर्ज कीं और मिसाइलें समुद्र में गिरीं।
घटना के दिन यूएई के नागरिकों को संभावित मिसाइल खतरे के बारे में मोबाइल अलर्ट भेजा गया, जो बाद में कुछ ही मिनटों में हटा लिया गया जब स्थितियों को 'सुरक्षित' बताया गया। रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और अन्य सरकारी बयानों में कहा गया कि मिसाइलें समुद्री जहाजों/नौपरिवहन को निशाना बना रही थीं और कुछ मिसाइलें देश की समुद्री सीमा के अंदर गिरीं।
तेहरान ने यूएई के आरोपों को खारिज किया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि ईरान द्वारा किसी मिसाइल प्रहार का आरोप ‘‘बिना आधार’’ और क्षेत्रीय विश्वास बनाने के विरोध में है। दूसरे फैसले से पहले ही इस वर्ष के शुरुआती महीनों में यूएई और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव और कई निर्देशात्मक बंदिशें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें राजदूतों की वापसी और ईरान-समर्थित संस्थानों पर लक्षित कदम शामिल रहे हैं।
यूएई ने इस विवाद को लेकर ईरान-सम्बंधित स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर पहले भी कार्रवाई की रिपोर्टों और कुछ तेल टैंकरों पर हालिया हल्लों का हवाला दिया गया है। दोनों देशों के बयान एक-दूसरे के प्रत्यक्ष खंडन के साथ सामने आए, जिससे क्षेत्रीय तनाव फिर से बढ़ गया है।

टिप्पणियां 0