BSE‑Sensex और NSE‑Nifty बुधवार को भी नीचे बंद हुए, जिससे दोनों सूचकांकों की गिरावट सातवें लगातार सत्र तक बढ़ गई। निफ्टी 24,078 के निकट बंद हुआ जबकि सेंसेक्स 76,909 के आसपास बंद हुआ। घरेलू बाजारों में कमजोरी की पृष्ठभूमि में ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग $92 प्रति बैरल की ओर बढ़कर निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता सीमित रहीं।
ऊर्जा क्षेत्र, एफएमसीजी, रक्षा और मीडिया से जुड़े शेयरों में बेचाव प्रमुख रहा, जबकि आईटी सेक्टर ही आज सकरात्मक रहा। व्यापक बाजार में पाँच सौ कंपनियों में केवल करीब एक‑तिहाई ही हरे रहे; Nifty 500 में गिरने वाले शेयरों की संख्या उभर कर अधिक रही। शहरों के शेयरों में मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांक ने मामूली कमी दिखाई पर अनुपाती प्रदर्शन में बेहतर बने रहे।
वैश्विक मोर्चे पर कोरिया और जापान के प्रमुख सूचकांक भारी दबाव में रहे, और अंतरराष्ट्रीय दीर्घकालिक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी उभरते‑बाज़ार इक्विटी के लिए जोखिम पैदा कर रही है। कुछ घरेलू उप‑क्षेत्रों में विशेष चालें भी देखी गईं — चीनी कीमतों में उछाल के कारण शुगर शेयरों में मजबूती आई जबकि शहर गैस वितरकों को सरकार की प्रोत्साहन नीतियों से समर्थन मिला।
विकल्पों व तकनीकी स्तरों की दृष्टि से बाजार के अगले परीक्षण के तौर पर निफ्टी का 24,000 का मेजर सपोर्ट जाँचा जाना तय है; उससे नीचे टूटने पर निकट अवधि में 23,650–23,800 के जोन का परीक्षण संभव बताया जा रहा है। आगे के संकेत के लिए निवेशक अमेरिकी FOMC की मिनट्स और अमेरिकी रोजगार‑डेटा पर भी नजर रखेंगे।

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