अमेरिकी राष्ट्रपति ने हालिया सोशल‑मीडिया पोस्ट में यह घोषणा की कि वे ईरान के खिलाफ "सबसे भारी आर्थिक अभियान" आरंभ कर रहे हैं और जो भी देश ईरान को वित्तीय या व्यापारिक सहायता देंगे उन्हें "भयानक आर्थिक परिणाम" भुगतने होंगे। उन्होंने तेल की तस्करी, स्वैप‑लाइन, नकद हस्तांतरण, विनिमय हाउस, जहाज पंजीकरण और फ्रंट कंपनियों जैसी गतिविधियों को रोकने का आह्वान किया। (Sources: BBC, Times of India)

घोषणा उस समय आई है जब ईरान के साथ संघर्ष छठे महीने के करीब है और हाल ही में 60‑दिन का युद्धविराम अवधि समाप्त हुआ है; इस संघर्ष में समुद्री मार्ग, विशेषकर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़, प्रभावित होने की सूचनाएँ भी मिल रही हैं। यू.एस. प्रशासन ने अप्रैल में भी ईरान की आय धाराओं को लक्षित करने की पहल बताई थी, जिसे विभिन्न रिपोर्टों में "Operation Economic Fury" के रूप में संदर्भित किया गया। (Sources: BBC, NDTV)

राष्ट्रपति ने किसी विशेष देश का नाम पोस्ट में नहीं दिया, पर ज़ोर देकर कहा कि जिन देशों के वित्तीय संस्थान या व्यवसाय ईरान को किसी प्रकार की "लाइफ़लाइन" देंगे, वे खुद दण्ड का सामना करेंगे। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने हालिया बयान में ईरान के खिलाफ कुछ व्यापारिक और वित्तीय संबंध निलंबित करने की घोषणा की है, और क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि बनी हुई है। (Sources: BBC, The Hindu)

सफेद घर और ट्रेज़री से मीडिया से दी गई औपचारिक विस्तृत कार्रवाइयों‑या‑अपराधिक लक्ष्यों के बारे में अभी सार्वजनिक विवरण सीमित हैं; अधिकारी टिप्पणियों के लिए पूछे जाने पर कुछ स्रोतों ने कार्रवाई की और संभावित अतिरिक्त सैनेटिव उपायों की ओर इशारा होने की रिपोर्ट दी है। (Sources: BBC, NDTV)

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