मंगलवार दोपहर ज़ामबोये गांव (बाबुआ के करीब, कैमरून सीमा के पास) की एक छोटे पैमाने की (आर्टिसनल) सोने की खदान में भारी भूमि-धंसन हुआ, जिससे नीचे काम कर रहे दर्जनों लोग दब गए। स्थानीय रिलीफ़ कर्मचारियों और खदान संघ के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने फ्रांस-24 और द गार्डियन को अलग-अलग जानकारी में कहा कि रिकवरी टीमों ने 100 से अधिक शव निकाले हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
बाबुआ के एक सार्वजनिक अभियोजक ने घटनास्थल पर खानों के कई भूमिगत सुरंगों के ढहने की वजह बताई और बचाव कार्य तथा जांच की पुष्टि की है; फ्रांस-24 और टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने भी इसी जांच की जानकारी दी है। साइट पर मौजूद स्थानीय पत्रकारियों और एजेंसियों के दृश्य क्लिपों में रेत का बड़ा प्रवाह लोगों को ढकते दिखाई दिया, जबकि बचावकर्ता और स्थानीय ट्रैक्टर व भारी मशीनरी का प्रयोग कर रहे हैं — कुछ रिपोर्टों ने बताया कि भारी मशीनरी जीवित शेषों की रेस्क्यू को जोखिम में डाल सकती है (द गार्डियन, फ्रांस-24)।
राहत और पुनर्प्राप्ति कार्यों में केंद्रीय अफ्रीकी और कैमरूनिया के स्थानीय अधिकारी दोनों शामिल हैं; कैमरून के पूर्वी क्षेत्र के गवर्नर ने सीमा पार सहयोग की बात सार्वजनिक प्रसार माध्यम पर कही (द गार्डियन, टाइम्स ऑफ़ इंडिया)। प्रभावितों में केंद्रीय अफ्रीकी और कैमरूनियन नागरिक दोनों बताए जा रहे हैं; कैमरून की स्थानीय रिपोर्टों में कम से कम तीन कैमरूनियन पहचान होने का जिक्र है (द गार्डियन, फ्रांस-24)।
विशेषज्ञ और स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि असंरचित, अनधिकृत छोटे खनन केंद्र आर्थिक मजबूरी और कमजोर सुरक्षा मानकों के चलते बार-बार घातक घटनाओं का केंद्र बनते हैं; पिछले महीनों में देश में और सीमा-क्षेत्रों में अन्य खदान हादसों की खबरें भी आई हैं (टाइम्स ऑफ़ इंडिया, द गार्डियन)।

टिप्पणियां 0