नियामक आदेशों के मुताबिक, 13 अगस्त की समाप्ति-डे Closing Auction Session (CAS) में Sensex के संकेतक मूल्य (IEP) में तीव्र उतार-चढ़ाव पर SEBI ने जांच कर दो प्रतिभागियों के व्यवहार को बाजार-प्रभावक पाया। SEBI की प्रारम्भिक निष्कर्षों में कहा गया है कि Copthall Mauritius Investment Limited नेexpiry-day पर कई बड़ी खरीद ऑर्डर लगाकर IEP को ऊपर धकेला जबकि Mansi Share and Stock Broking ने कुछ SENSEX घटकों पर गहन विक्रय ऑर्डर रखकर अस्थायी दबाव डाला। दोनों फर्मों ने बाद में संबंधित ऑर्डर रद्द कर दिए।
नियामक ने इन क्रियाओं को उन प्रतिभूतियों पर व्युत्पन्न (derivatives) पोजिशन से आर्थिक लाभ कमाने की दिशा में मावलाफ़ माना: SEBI ने Copthall के संभावित लाभ का अनुमान लगभग ₹2.9 करोड़ और Mansi के लगभग ₹0.72 करोड़ आंका, जिनसे कुल प्राथमिक ‘प्राइ मा फैस’ लाभ करीब ₹3.6–3.7 करोड़ बनता है। SEBI ने दोनों संस्थानों को CAS में सीधे या परोक्ष रूप से भाग लेने से रोका, संबंधित खातों पर रोक लगाने और निर्दिष्ट धनराशि अमानत करने के निर्देश दिए।
आदेश में कहा गया है कि Copthall के कुछ खरीद आदेश संदर्भ-मूल्य से 3% से अधिक ऊपर थे और Copthall ने कुछ अवधि में कुल खरीद-मूल्य का बहुत बड़ा हिस्सा रखा; Mansi ने कई शेयरों के बड़े विक्रय ऑर्डर 2.5% से नीचे तथा 1% के आसपास रखकर दबाव डाला और फिर 4–5 सेकंड में रद्द कर दिए। दोनों पक्षों को तीन माह में खुले पोजिशन बंद करने तथा 21 दिन में प्रतिक्रिया देने को कहा गया है। SEBI ने यह भी नोट किया कि जांच के प्रारम्भिक आंकड़े इन दोनों के साथ मिलकर किसी संयुक्त साजिश का स्पष्ट संकेत नहीं देते।

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