चीनी न्यायिक एजेंसियों ने एवरग्रैन समूह के संस्थापक शुए चीआइन (हुई का यान) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उनकी सभी व्यक्तिगत संपत्तियाँ जब्त करने का आदेश दिया। अदालत ने समूह और उसकी फर्मों पर कुल मिलाकर 15.82 अरब युआन के जुर्माने का फैसला किया। शुए ने अप्रैल में महीनों पहले दायर मुकदमों में कथित रूप से गबन, रिश्वत और अन्य वित्तीय अपराधों के लिए दोष स्वीकार किया था।
अदालत ने पाया कि एवरग्रैन और उसके नेतृत्व द्वारा किए गए वित्तीय प्रबंधों ने घरेलू संपत्ति बाजार में व्यवधान पैदा किया और निवेशकों तथा बैंकों को भारी आर्थिक हानि पहुंचाई। मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों और रिश्तेदारों को भी सजा मिली; रिपोर्टों के अनुसार शुए के दो पुत्रों समेत कुल दर्जनों लोगों को अलग-अलग अवधि के जेल दंड दिए गए।
एवरग्रैन की गिरावट 2021 में तेज हुई जब कंपनी कर्ज चुकाने में असमर्थ रही; इसके लाखों उपभोक्ता-प्रारम्भिक खरीदारों के लिए अपूर्ण परियोजनाएँ और बड़ी देनदारियाँ सामने आईं। 2024 में शुए पर पूँजी बाजार से जीवनपर्यंत निषेध और पहले भी जुर्माने के निर्देश जारी किए गए थे। एवरग्रैन का शेयर मूल्य कई वर्षों में भारी गिरावट के बाद हांगकांग एक्सचेंज से हटाया गया था।
अभियोग और दंड से जुड़े विवरणों का सरकारी स्रोतों द्वारा सार्वजनिक करना और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों की एकरूप रिपोर्टिंग, इस फैसले को चीन की संपत्ति क्षेत्रीय नियमितीकरण और बड़े अग्रणी डेवलपर्स की वित्तीय व्यवहार्यता की जांच की दिशा में एक निर्णायक माइलस्टोन के रूप में दिखाती है।

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