अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि वे ईरान के खिलाफ एक व्यापक आर्थिक अभियान शुरू कर रहे हैं, जिसे उन्होंने ‘Economic D‑Day’ या “अब तक का सबसे क्रूर आर्थिक ऑपरेशन” कहा। प्रशासन ने कहा कि किसी भी देश, वित्तीय संस्था या व्यावसायिक निकाय के द्वारा ईरान को ‘लाइफलाइन’ देने पर उस देश को भारी आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। (सूत्र: The Hindu, France 24)

ईरानी विदेशमंत्री अब्बास अराकची ने ट्रम्प के इस अभियान को अमेरिका की आंतरिक आर्थिक स्थिति — बढ़ते कर्ज और बढ़ती ब्याज लागत — से ध्यान हटाने की कोशिश करार दिया और कहा कि ऐसी नीतियाँ विफल होंगी। अराकची के बयान को कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने दर्ज किया है। (सूत्र: Indian Express, The Hindu, France 24)

समकक्ष डेटा से पता चलता है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में जहाज यातायात में इस समाचार के बीच कोई तुरंत वृद्धि नहीं हुई; मालवाहक पारगमन संख्याएँ एक दिन के कालखंड में अपरिवर्तित रहीं, जो यह संकेत देती हैं कि जलमार्ग की सुरक्षा व व्यापार प्रवाह पर तत्काल बदलाव दर्ज नहीं हुआ है। (सूत्र: Indian Express, France 24)

तेल बाजार ने भी हंगामे के बीच मिश्रित रुख दिखाया: ब्रेंट व यूएस WTI समझौतों के भाव मामूली उतार‑चढ़ाव के साथ स्थिरता की ओर रहे। (सूत्र: The Hindu, France 24)

राष्ट्रों के बीच आर्थिक दबाव और समुद्री मार्गों की संवेदनशीलता को लेकर वैश्विक बाजार व कूटनीति की प्रतिक्रिया जारी है; फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों के बाद तनाव बना हुआ है पर घटनाओं की दिशा पर निर्णायक बदलाव अभी सामने नहीं आया।

संदर्भ स्रोतIndian Express WorldThe Hindu WorldAl JazeeraFrance 24 World
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