भारतीय शेयर बाजारों के खुलेपन से पहले वैश्विक परिदृश्य मिश्रित दिखा। एशियाई शेयरों ने अमेरिका के शेयरों के पिछला सत्र में मिले नुकसान के असर में कमजोरी दर्ज की, वहीं GIFT Nifty ने सत्र शुरूआत के लिए मामूली सकारात्मक संकेत भेजा। वैश्विक तेल की आपूर्ति को लेकर जारी चिंताएं और मध्य-पूर्व में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड $93 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि डॉलर कमजोर बना हुआ है और सोना मजबूत रुख में है।
घरेलू बाजारों में गुरुवार को पिछले सात सत्रों के नुकसान के बाद जीरो-टू-माइल्ड रिकवरी देखने को मिली थी; यह बैक-अप वैल्यू खरीदारी और वैश्विक बांड यील्ड में कुछ नरमी से संभव हुई। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि व्यापक रूप से बाजार रेंज-बाउंड बने रहने की संभावना है, जहाँ सेक्टर-विशेष और कंपनियों के करंट कॉरपोरेट न्यूज अधिक भूमिका निभा सकते हैं।
निफ्टी व सेंसक्स के लिए सुबह का ट्रेंड GIFT Nifty के संकेतों और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी प्राइस—विशेषकर तेल व सोने—के प्रभाव पर निर्भर रहेगा। निवेशक हाल के बॉन्ड यील्ड मूवमेंट, तेल की ऊँची कीमतों और वैश्विक जोखिम-सेंटिमेंट को देखते हुए सतर्कता बरत सकते हैं।

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