दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जून के अंत से चली जांच के बाद 17 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर कथित तौर पर कैन्सर-रोधी महंगी इंजेक्शन और वायलों की खरीद, भंडारण, फिर से पैकिंग और अवैध बिक्री का आरोप है। पुलिस ने मामले में अब तक कुल 588 भरे वायल, छह खाली वायल, सात खाली डब्बे और लगभग 3,021 यूनिट दवाइयों के साथ नकदी और लेखा-जोखा बरामद होने की जानकारी दी है।

जांच एजेंसी ने बताया कि दवाइयाँ तीन मार्गों से आती रहीं: कुछ पूरी तरह नकली बनाकर, कुछ निजी अस्पतालों से चोरी कर या कर्मचारी हस्तक्षेप से निकाली गईं और कुछ सरकारी आपूर्ति/संस्थागत स्टॉक से हेराफेरी कर बाज़ार में आईं। अधिकारियों ने कहा कि मूल पैकेट और खाली डब्बों का पुन: प्रयोग कर दवाइयों को फिर से पैक किया गया और स्रोत छुपाने के लिए बैच नंबर तथा MRP जैसी जानकारियाँ हटाने के लिये केमिकल्स का इस्तेमाल किया गया।

रैकेट दिल्ली-एनसीआर के साथ मुंबई और हैदराबाद तक फैला था; इन स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। छापों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, रजिस्टर, डायरी, पैकेजिंग सामग्री और बड़ी नकदी भी बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों में अस्पताल कर्मचारियों, मेडिकल स्टोर संचालक और मध्यस्थ शामिल बताए गए हैं; कुछ मामलों में अस्पतालों के स्टॉक से सीधे दवाइयाँ मिलने का आरोप है।

पुलिस ने अभी लाभार्थियों और धन के प्रवाह का पता लगाने तथा अन्य संगठनों या व्यक्तियों की भागीदारी स्पष्ट करने के लिये जांच जारी रखी है।

संदर्भ स्रोतThe Hindu DelhiIndian Express Delhi
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