पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार, जिन्हें 1984 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में आजीवन कारावास की सज़ा मिली थी, रविवार की दोपहर अस्पताल में मृत पाए गए। दोनों व्यापक समाचार स्रोतों के मुताबिक उन्हें टिहाड़ जेल से शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल लाया गया जहां उन्हें जीवन-समर्थन व आपात चिकित्सा दी गई, लेकिन वे लौटकर नहीं आए।

दर्ज रिपोर्टों के अनुसार कुमार बुजुर्ग और अनेक रोगों से ग्रस्त थे; उन्हें उच्च रक्तचाप, पार्किंसन, और अन्य उम्र संबंधी समस्याएँ थीं और उनके चिकित्सकीय इतिहास में कई पिछली अस्पताल यात्राएँ दर्ज थीं। टिहाड़ से अस्पताल ले जाते समय या अस्पताल में भर्ती के समय उनका अधिकारिक विवरण और मृत्यु का समय स्रोतों में थोड़ी असमानता के साथ दर्ज है।

न्यायिक पृष्ठभूमि: दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2018 में राज नारायण/पलम क्षेत्र में हुई घटनाओं में मौतों व गुरुद्वारे के आग लगने से जुड़ी सजा सुनाई थी, और 2025 में एक अन्य मामले में भी उन्हें उम्र कैद दी गई थी। उनके खिलाफ संपन्न व लंबित मुकदमों, कुछ ऍक्विटलों और कई अपीलों का ब्यौरा दोनों राष्ट्रीय प्रकाशनों में सूचीबद्ध है।

निष्कर्षतः सज्जन कुमार का निधन उस दिन हुआ जब उनकी सज़ा की अपील/पैरोल से जुड़े कानूनी आदेश सूचीबद्ध थे; अस्पताल और कारागार दोनों पक्षों ने उनकी पहले से मौजूदा स्वास्थ्य समस्याओं व हाल की चिकित्सा देखरेख की पुष्टि की है।

संदर्भ स्रोतTimes of India DelhiIndian Express Delhi
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