मोदी सरकार को एक झटका, चंद्रबाबू के सिर पर तलवार लटकी
केन्द्र की मोदी सरकार जेन जी और अल्फा का डर दिख रहा है। इसके अलावा इंडिया ब्लॉक ने वित्त और मानूसन सत्र में सरकार की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। एक तरफ नरेंद्र मोदी और शाह चौथी बार सत्ता पर कब्जा बनाये रखने की सोच रहे हैं वहीं विपक्षी एकता ने मोदी शाह की नींद उड़ा रखी है। हालात यह रहे कि विश्व गुरु पीएम मोदी और भाजपा के चाणक्य विपक्ष के हमलों से इतना डर गये कि लोकसभा के सदन में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। पूरा मानसून सत्र बीत गया। पीएम और गृहमंत्री शाह सदन में मौजूद नहीं रहे है। इसी सत्र में सीजेपी के दबाव में मोदी शाह ने अपने एक करीबी और दिग्गज मंत्री को पद से भी हटाया। इससे सरकार और भी ज्यादा दबाव में है। ऐसे में आन्ध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू के भी जेन जी ने होश उड़ा रखे हैं। इधर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो गया वहीं आन्ध्र के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग वायएसआर कांग्रेस के नेता व पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने की है। पूरे प्रदेश में लोग खासतौर से युवा सरकार के घपले के विरोध में बुरी तरह नाराज है और प्रदर्शन कर रहे हैं। इन सब परेशानियों से जूझ रहे सीएम नायडू पीएम मोदी और शाह के आगे झुके पड़े हैं। ये भी मालूम कि मोदी सरकार टीडीपी के समर्थन से ही सरकार में बनी हुई है। ये बात किसी से छुपी नहीं है कि टीडीपी का समर्थन मोदी सरकार के लिये कितनी जरूरी है। इससे मोदी सरकार की परेशानियां भी बढ़ती दिख रही हैं।
आखिर आंध्रप्रदेश का मसला है क्या
पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया है कि टीडीपी भाजपा सरकार ने डीएससी 202डीएससी और एपीपीएससी भर्ती में भारी धांधलियां की हैं। उन्होंने यह मांग की कि इन भर्तियों की जांच सीबीआई से करायी जाये। इसके अलावा सरकार में शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग कर दी है। नारा लोकेश सीएम नायडू के छोटे भाई है। विधानसभा में नारा लोकेश ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। यह सब अफवाह है सरकार को बदनाम करने की साजिश है। 3 लाख 36 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था और 16,647 पद थे। उनकी पोस्टिंग निष्पक्षता और इमानदारी के साथ संपन्न की गयी है। विपक्ष को शिक्षा मंत्री लोकेश ने खुली चुनौती दी है। लोकेश ने यह आरोप लगाया है कि वाईएसआरपी प्रदेश सरकार को बदनाम करने की नीयत से साजिश रच रही है। इस साजिश के जरिये प्रदेश सरकार की जनहित कारी योजनाओं की राह रोड़े अटकाने का काम कर रही है। इसी साजिश के तहत 148 दिनों में विभिन्न अदालतों में 141 केस दर्ज कराये हैं। यह एनडीए सरकार को अस्थिर करने की साजिश है। मैं जगन मोहन रेड्डी से सदन में या बाहर इस विषय पर बहस करने को तैयार हूं।

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