मोदी की इमेज चमकाने को पूरी कैबिनेट बदलने की तैयारीअमित मालवीय के हटने के मायने और साहब की छविभाजपा में अभी हाल में दो तीन परिवर्तन हुए हैं उनको लेकर देश में चर्चा चल रही है। अचानक बीजेपी के अध्यक्ष पर बड़ा फैसला लिया गया। पिछले अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल काफी बार बढ़ाया गया। उनका कार्यकाल 2023 में ही खत्म हो गया लेकिन मोदी शाह ने उन्हें लगातार इस पद पर बनाये रखा। क्योंकि भाजपा और मोदी शाह का चुनाव में लगातार प्रभाव बढ़ता जा रहा था। 2026 में नड्डा से अध्यक्ष छिना और उस पर नितिन नवीन को पार्टी की कमान सौंप दी गयी। इस सब के पीछे एक ही बात समझ में आयी कि पीएम मोदी पार्टी की कमान ऐसे व्यक्ति हाथ में देना चाहते हैं जो बिना किसी टीका टिप्पणी के रंगा बिल्ला का आदेश माने। नितिन नबीन जिनकी उम्र केवल 42 साल है राष्ट्रीय स्तर की राजनीति का उन्हें कोई अनुभव नहीं है। हां यह बात और है कि 2006 के बाद से वो पटना की बांकीपुर सीट से लगातार विधायक के रूप में जीत रहे हैं। इस बात से साफ हो गया कि जो भी कुछ भाजपा या सरकार में हो रहा है वो सिर्फ पीएम मोदी की मर्जी और छवि को बरकरार रखने की कोशिश है। पिछले 12 साल की सरकार में जो कुछ भी हुआ है वो सब कुछ पीएम की मर्जी के हिसाब से हुआ है। सरकार के मंत्री तो केवल खानापूरी के लिये हैं। सरकारी मंत्रालयों के विज्ञापनों में हजारों करोड़ खर्च कर साहब की इमेज को बनाया गया है। उनकी पूरी कोशिश रहती है कि देश में किसी और मंत्री या नेता की फोटो विज्ञापन में नहीं दिखनी चाहिये। इसके लिये उन्होंने बीजेपी के आईटी सेल को लगा रखा है। पहले ये जिम्मेदारी अमित मालवीय के कंधो पर थी लेकिन अब उनको मक्खी की तरह बाहर कर दिया गया है उनकी जगह दीपक महास्के को ये जिम्मेदारी मिली है। शायद ये परिवर्तन आने वाले 2027 के चुनावों को देखते हुए किये गये हैं। इनमें यूपी का विधानसभा भाजपा के लिये सबसे बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है।सीजेपी ने मोदी की विश्वगुरु वाली इमेज को लगाया चूनातीन माह पहले बनी सीजेपी ने मोदी शाह की जिंदगी में तहलका मचा दिया है। इतना तो पूरे 12 साल में विपक्ष ने परेशान नहीं किया जितना युवाओं के आंदोलन ने उनकी सरकार को कर दिया है। खासतौर से जेन जी और जेन अल्फा ने पूरे देशभर में केन्द्र सरकार और पीएम मोदी को सवालों के कठघरें में खड़ा कर दिया है। 12 साल त्तक देश पर बेखटके राज करने वाले मोदी शाह ने अपने आईटी सेल की मदद से विपक्षी दलों के नेताओं का चरित्र करवाया पूरा देश जानता है। लेकिन पिछले तीन माह में युवाओं ने उनकी सोशल मीडिया टीम को पानी पिला दिया है। युवाओं से पंगा लेना मोदी सरकार को काफी महंगा पड़ा है। पीएम मोदी को इसका निजी तौर पर खामियाजा भुगतना पड़ा। जंतर मंतर पर सीजेपी के आंदोलन के दौरानयुवाओं और लडकियोंं ने मीम्स, रील्स् और पोस्टर्स के जरिये पीएम मोदी को औकात पर ला दिया। इंस्टाग्राम पर मितरों कहने वाले पीएम हैलो फ्रेंड्स पर उतर आये लेकिन वहां वो अपना करिश्मा नहीं दिखा पाये समझ गये कि युवाओं के बीच उनकी दाल गलने वाली नहीं है। यही वजह है कि अपनी इमेज बरकरार रखने को उन्होंने आईटी सेल में जबरदस्त बदलाव कर दिया है। छवि बनाने के लिये सरकार में भी हो सकता है बड़ा फेर बदलपीएम मोदी की इमेज देश के युवाओं में काफी गिर चुकी है इस बात का अंदाजा अब मोदी और एनडीए सरकार को हो गया है। पूरे एनडीए में इस बात को लेकर खलबली मची हुई है कि पीएम मोदी नपे तो सरकार में समर्थन करने वाले घटक दलों की भी नैया डूबने में देर नहीं लगेगी। इस लिये पीएम पद बचाने और सरकार की छवि सुधारने के लिये लगभग तीन दर्जन मंत्रियों को बाहर किया जा सकता है। इस बात के संकेत मिलने लगे हैं। इन मंत्रियों में वो लोग हैं जो पिछले 12 साल से सरकार में रह कर मलाई काट रहे हैं। जिन लोगों पर गाज गिरने वाली है उनमें अमित शाह, राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, अश्विनी वैष्णव, एस जयशंकर, गिरिराज सिंह, कृषि मंत्री शिवराज चौहान, एमएल खटटर, पीयूष गोयल समेत अनेक मंंत्रीगण हो सकते हैं।
—बार देखा गया
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