प्रदीप रावत, जिनका अभिनय सिनेमा और टेलीविजन दोनों में वर्षों तक याद किया जाएगा, 74 वर्ष की आयु में चल बसे। घटना की सूचना पहले उनके सह-कलाकार और फिल्मी साथी ने सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद प्रबंधक सिद्धार्थ तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि रावत की कैंसर बीमारी फिर सक्रिय हो गई थी और वे एक महीने से अधिक समय से अस्पताल में थे।Several प्रमुख समाचार संस्थानों ने इस क्रमवध को प्रकाशित किया है।

रणजीत और संघर्ष से भरे करियर में रावत ने ब्रॉड-रेंज अभिनय किया — उन्हें शुरुआती पहचान बी.आर. चोपड़ा के महाभारत धारावाहिक में अश्वत्थामा के रूप में मिली, जिसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में यादगार भूमिका निभाईं। 2001 में आई आशुतोष गोवारिकर की 'लगान' में उनका किरदार देवा सिंह दर्शकों के बीच भरा-पूरा प्रभाव छोड़ गया और बाद में वे तमिल फिल्म 'घजलनी' के खलनायक धार्मात्मा के रूप में भी व्यापक रूप से पहचाने गए; उसी भूमिका को उन्होंने 2008 के हिंदी संस्करण में दोबारा निभाया। इन प्रोजेक्ट्स का ज़िक्र कई प्रकाशनों में किया गया है और इन्हें उनके करियर के प्रमुख पलों के तौर पर दर्शाया गया है।

उनका काम केवल हिंदी तक सीमित नहीं रहा। चार दशकों से अधिक समय तक चले पेशेवर सफर में वे तमिल, तेलुगु और कई अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी सक्रिय रहे, जिससे उन्हें बहु-भाषी सिनेमा का भरोसेमंद किरदार अभिनेता माना जाता रहा।

सूचना उपलब्ध कराने वाले प्रकाशनों के अनुसार रावत पीछे अपनी पत्नी और पुत्र छोड़ गए हैं। उनके निधन पर फिल्म जगत और फैंस की प्रतिक्रिया तीव्र रही; कई सहकर्मियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके करियर को याद किया।

अभी तक अंतिम संस्कार या अंतिम दर्शन से जुड़ी विस्तृत सार्वजनिक घोषणाएँ दो या अधिक स्वतंत्र स्रोतों द्वारा साझा नहीं हुईं, इसलिए उस सम्बन्धी जानकारी की पुष्टि नहीं की जा रही।

संदर्भ स्रोतTimes of India EntertainmentIndian Express EntertainmentNDTV EntertainmentHindustan Times Entertainment
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